जतींद्रनाथ दास जयंती 2026: भजनलाल शर्मा, सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी जतींद्रनाथ दास की जयंती पर 27 अक्टूबर 2026 को देश भर के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 'जतिन दा' के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनके राष्ट्रप्रेम को नमन किया। सभी ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए किया गया उनका सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
भजनलाल शर्मा की श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, '63 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल कर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला देने वाले अमर बलिदानी, क्रांतिवीर जतींद्रनाथ दास की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' उन्होंने यह भी कहा कि जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों के मानवीय अधिकारों के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
सम्राट चौधरी और केशव प्रसाद मौर्य का नमन
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य साहस, त्याग और वीरता का परिचय देने वाले महान क्रांतिकारी जतींद्रनाथ दास की जयंती पर उन्हें सादर नमन।' उन्होंने रेखांकित किया कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष और अटूट संकल्प सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 'जतिन दा' को याद करते हुए कहा कि हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के साहसी सदस्य के रूप में उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका निःस्वार्थ राष्ट्रप्रेम सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने जतींद्रनाथ दास को 'मां भारती के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी और अमर शहीद' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि उनका साहस और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपनी पोस्ट में बताया कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के क्रांतिकारी साथी जतींद्रनाथ दास ने लाहौर जेल में ब्रिटिश शासन द्वारा राजनीतिक बंदियों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार के विरोध में 63 दिनों तक आमरण अनशन किया और मात्र 24 वर्ष की आयु में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रामविचार नेतम ने भी 'जतिन दा' को श्रद्धांजलि देते हुए उनके प्राणोत्सर्ग को नमन किया।
जतींद्रनाथ दास: एक परिचय
जतींद्रनाथ दास भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अग्रणी क्रांतिकारियों में से एक थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अपना जीवन समर्पित कर दिया। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य के रूप में वे भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के करीबी साथी रहे। लाहौर जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार के विरोध में उन्होंने जो आमरण अनशन शुरू किया, वह 63 दिनों तक चला — और अंततः उनके प्राण ले गया।
गौरतलब है कि उनके इस अनशन ने तत्कालीन ब्रिटिश सत्ता की क्रूरता को उजागर किया और देश में व्यापक आक्रोश की लहर पैदा की। मात्र 24 वर्ष की आयु में दिया गया उनका यह बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक अमिट अध्याय है। हर वर्ष उनकी जयंती पर देशभर के नेता और नागरिक उन्हें स्मरण करते हैं।