27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ESTIC 2026: PM मोदी आज भारत मंडपम में करेंगे उद्घाटन, 150 डीप-टेक स्टार्टअप और ISRO की अगली पीढ़ी की झलक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ESTIC 2026: PM मोदी आज भारत मंडपम में करेंगे उद्घाटन, 150 डीप-टेक स्टार्टअप और ISRO की अगली पीढ़ी की झलक

सारांश

नई दिल्ली के भारत मंडपम में PM मोदी आज ESTIC 2026 का उद्घाटन करेंगे — जहाँ 150 डीप-टेक स्टार्टअप, 300 से अधिक वैश्विक प्रतिभागी और ISRO का अगली पीढ़ी का हैवी-लिफ्ट व्हीकल मॉडल एक ही छत के नीचे होंगे। यह 'विकसित भारत 2047' के विजन को विज्ञान की ज़मीन पर उतारने का प्रयास है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 27 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में ESTIC 2026 का उद्घाटन करेंगे।
तीन दिवसीय ( 27–29 अक्टूबर ) सम्मेलन में AI, बायोटेक, क्लाइमेट साइंस सहित 12 विषयों पर चर्चा होगी।
लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप प्रदर्शनी में अपने अत्याधुनिक नवाचार प्रदर्शित करेंगे।
ISRO अगली पीढ़ी के हैवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल ( 30,000 किग्रा+ पेलोड क्षमता ) का मॉडल और चंद्रयान-4 व 5 मिशन प्रदर्शित करेगा।
'ग्लोबल कनेक्ट' पहल के तहत भारत व विदेश से 300 से अधिक प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारियों पर विचार करेंगे।
सम्मेलन CSIR द्वारा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026' (ESTIC 2026) का उद्घाटन करेंगे। 27 से 29 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एकत्रित होंगे। यह आयोजन 'विकसित भारत 2047' के विजन को मज़बूत आधार देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कॉन्क्लेव का दायरा और मुख्य विषय

ESTIC 2026 में 12 प्रमुख विषयों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ऊर्जा, क्लाइमेट साइंस और महासागर अनुसंधान (ओशन रिसर्च) शामिल हैं। चर्चाओं का केंद्र राष्ट्रीय अनुसंधान प्राथमिकताओं को निर्धारित करना, क्षमताओं को सुदृढ़ करना और वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक समाधानों में रूपांतरित करना होगा।

यह सम्मेलन वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब इस पैमाने पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के सभी आयामों को एक ही मंच पर लाया गया है।

150 डीप-टेक स्टार्टअप और प्रदर्शनी

कॉन्क्लेव के साथ-साथ एक बड़े पैमाने की प्रौद्योगिकी एवं नवाचार प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसमें लगभग 150 'डीप-टेक' स्टार्टअप अपने स्टॉल लगाएंगे और अत्याधुनिक नवाचारों के व्यावहारिक उपयोगों का प्रदर्शन करेंगे। यह मंच उभरते उद्यमियों को निवेशकों और नीति-निर्माताओं से सीधे संवाद का अवसर भी प्रदान करेगा।

ISRO की भागीदारी: हैवी-लिफ्ट व्हीकल और चंद्रयान मिशन

इस कॉन्क्लेव में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। एक पूर्व-कार्यक्रम में ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि प्रदर्शनी में अगली पीढ़ी के 'हैवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल' का मॉडल रखा जाएगा, जो 30,000 किलोग्राम से अधिक पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में स्थापित करने में सक्षम होगा। इसके अतिरिक्त चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 मिशनों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिनका लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजना है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तीव्र विस्तार के दौर से गुज़र रहा है और वैश्विक लॉन्च बाज़ार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम हो रहा है।

ग्लोबल कनेक्ट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

'ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट' नाम की एक नई पहल के तहत भारत और विदेशों से 300 से अधिक आमंत्रित प्रतिभागी — जिनमें शिक्षाविद, अनुसंधान संस्थान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं — एकत्रित होंगे। यह मंच अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारियों, उद्योग-शिक्षा सहयोग और नवाचारों को प्रयोगशालाओं से बाज़ार तक पहुँचाने के रास्तों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।

आगे की राह

तीन दिवसीय इस सम्मेलन से निकलने वाली सिफारिशें भारत की दीर्घकालिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति को दिशा दे सकती हैं। ESTIC 2026 न केवल एक प्रदर्शनी है, बल्कि यह उस व्यापक राष्ट्रीय संकल्प की अभिव्यक्ति है जिसमें वैज्ञानिक अनुसंधान को आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का इंजन बनाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

12 विषय, ISRO की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएँ — असाधारण दिखती है, लेकिन असली सवाल यह है कि तीन दिन की चर्चाएँ नीतिगत बदलाव में कितनी तब्दील होती हैं। भारत के R&D खर्च का GDP अनुपात अभी भी वैश्विक औसत से काफ़ी नीचे है, और पिछले ऐसे सम्मेलनों की सिफारिशें प्रायः फाइलों में दबी रह जाती हैं। डीप-टेक स्टार्टअप प्रदर्शनी तभी सार्थक होगी जब उसके बाद सरकारी खरीद नीति और जोखिम पूँजी का प्रवाह वास्तव में बदले। ISRO के चंद्रयान-4 और हैवी-लिफ्ट वाहन की झलक उत्साहजनक है, किंतु इनकी समयसीमा और बजट की पुष्टि अभी बाकी है — जो इस उत्साह को ज़मीनी परीक्षा की कसौटी पर रखती है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ESTIC 2026 क्या है और इसका आयोजन कहाँ हो रहा है?
ESTIC 2026 यानी 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026' एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन है जो 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे CSIR द्वारा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया है और इसका उद्घाटन PM मोदी करेंगे।
ESTIC 2026 में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में 12 प्रमुख विषयों पर सत्र होंगे जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स, हेल्थकेयर, ऊर्जा, क्लाइमेट साइंस और महासागर अनुसंधान शामिल हैं। चर्चाओं का केंद्र अनुसंधान प्राथमिकताएँ तय करना और वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक समाधानों में बदलना होगा।
ESTIC 2026 में ISRO क्या प्रदर्शित करेगा?
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन के अनुसार, ISRO की प्रदर्शनी में अगली पीढ़ी के हैवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल का मॉडल शामिल होगा जो 30,000 किलोग्राम से अधिक पेलोड को लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित करने में सक्षम होगा। इसके साथ चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 मिशन भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनका लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजना है।
ESTIC 2026 में डीप-टेक स्टार्टअप की क्या भूमिका होगी?
लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप कॉन्क्लेव की प्रदर्शनी में स्टॉल लगाएंगे और विभिन्न क्षेत्रों में अपने अत्याधुनिक नवाचारों के संभावित उपयोगों का प्रदर्शन करेंगे। यह उन्हें निवेशकों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं से सीधे संवाद का अवसर भी प्रदान करेगा।
ESTIC 2026 का 'ग्लोबल कनेक्ट' कार्यक्रम क्या है?
'ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट' एक नई पहल है जिसमें भारत और विदेशों से 300 से अधिक आमंत्रित प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारियों और उद्योग-शिक्षा सहयोग पर विचार करेंगे। इसका उद्देश्य नवाचारों को प्रयोगशालाओं से बाज़ार तक पहुँचाने के व्यावहारिक मार्ग तलाशना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले