भैरोंसिंह शेखावत की 103वीं जयंती: गडकरी, CM भजनलाल सहित BJP नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की 103वीं जयंती पर 23 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने शेखावत को सादगी, सुशासन और जनसेवा के प्रतीक के रूप में याद किया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'पूर्व उपराष्ट्रपति और भाजपा के वरिष्ठ नेता भैरोंसिंह शेखावत की जयंती पर उन्हें सादर अभिवादन।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, 'सादगी, नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाला उनका जीवन भारतीय लोकतंत्र की दुर्लभ धरोहर है। शासन में पारदर्शिता और लोककल्याण को सर्वोच्च मानकर उन्होंने विकास का नया प्रतिमान रचा। उनका सम्पूर्ण जीवन एक ऐसी प्रेरक गाथा है, जो सदैव हम सभी का मार्गदर्शन करता रहेगा।'
मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'सादगी, शुचिता और प्रखर नेतृत्व के प्रतीक शेखावत ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, गरीब कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित कर दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों और लोक-कल्याण के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक रहेगा।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें 'बाबोसा' संबोधन से याद करते हुए एक्स पर कहा कि उनका 'सादगीपूर्ण जीवन, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और गरीबों व वंचितों के कल्याण के लिए किए गए कार्य सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान और सुशासन के प्रति उनका आजीवन समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणादायी रहेगा।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पोस्ट में कहा कि शेखावत का जीवन 'देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।' बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने विशेष रूप से आपातकाल के दौरान शेखावत के लोकतांत्रिक संघर्ष और 'अंत्योदय' जैसी जनकल्याणकारी योजना का उल्लेख करते हुए उन्हें स्मरण किया।
भैरोंसिंह शेखावत: एक विरासत
गौरतलब है कि भैरोंसिंह शेखावत तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे और वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर आसीन रहे। उनकी 'अंत्योदय' योजना समाज के सबसे वंचित वर्गों तक सरकारी लाभ पहुँचाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में BJP सरकार के नेतृत्व ने शेखावत की विरासत को नीतिगत प्रेरणा के रूप में बार-बार उद्धृत किया है। नेताओं के स्मरण का यह सिलसिला आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके आदर्शों को जीवित रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।