गजेंद्र सिंह शेखावत का जन्मदिन: जोधपुर में कार्यकर्ताओं का उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जन्मदिन पर 3 अक्टूबर 2026 को जोधपुर स्थित उनके निवास पर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शहरवासियों की बड़ी संख्या ने उपस्थित होकर मंत्री को बधाई दी और उनके प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।
जनता के प्रति कृतज्ञता का भाव
शेखावत ने इस अवसर पर कहा कि जोधपुर के लोगों, साथियों और भाजपा परिवार के कार्यकर्ताओं का स्नेह उनके जीवन का अवलंबन और शक्ति है। उन्होंने कहा, 'परिवार की तरह सभी लोग एक-दूसरे की खुशियों और दुख के अवसर पर साथ खड़े रहें, यही भावना होनी चाहिए।'
उन्होंने जन्मदिन को महज उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जीवन के सफर का आकलन करने का अवसर बताया। उनके अनुसार, व्यक्ति को यह विचार करना चाहिए कि जीवन में कितने लोगों का साथ और सहयोग मिला, तथा अब तक क्या हासिल हुआ और क्या बाकी है।
राजनीतिक सफर का उल्लेख
शेखावत ने अपने राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष के पद से शुरू होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री बनने तक का सफर जनता के प्यार, ईश्वर की कृपा, परिवार के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं के स्नेह की बदौलत संभव हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूर्ण समर्पण जरूरी है और इसमें परिवार को समय देने का त्याग सबसे पहला होता है।
जोधपुर से गहरा जुड़ाव
शेखावत ने बताया कि उनका जन्म जैसलमेर में हुआ था, लेकिन पिछले करीब 45 वर्षों से जोधपुर में निवास करने के कारण जोधपुर और मारवाड़ उनके डीएनए में समाहित हो चुके हैं। पिता की नौकरी के चलते बचपन में कई स्थानों पर रहे, किंतु कॉलेज के समय से जोधपुर से उनका गहरा नाता बन गया।
पायलट स्मित मच्छार के साहस की सराहना
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि देश के ऐसे सपूत और बेटियाँ विभिन्न क्षेत्रों में देश को गौरवान्वित करते हैं। उन्होंने उस पायलट की सूझबूझ की प्रशंसा की, जिन्होंने विमान हादसे के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की जान बचाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पायलट को स्वयं फोन करके उनके हाल जानना और साहस की सराहना करना देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भैरों सिंह शेखावत को श्रद्धांजलि
शेखावत ने राजस्थान के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के साथ अपने जुड़ाव को भावुकता से याद किया। उन्होंने कहा कि 'बाबूसा' एक राजनीतिक संस्था थे और उनके सानिध्य में रहकर ही उन्होंने राजनीति की बारीकियाँ सीखीं। उनके अनुसार, भैरों सिंह शेखावत की सोच राजस्थान और भारत को प्रगति के पथ पर ले जाने की थी, और आज देश को आगे बढ़ते देख उनकी आकांक्षाओं के पूरा होने का संतोष मिलता है।
यह अवसर शेखावत के लिए न केवल जन्मोत्सव था, बल्कि जनता और कार्यकर्ताओं के साथ एक भावनात्मक पुनर्मिलन का भी क्षण बना।