26 अक्टूबर 2026
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गजेंद्र शेखावत का विपक्ष पर हमला: भारत विरोधी ताकतों संग अराजकता की साजिश का आरोप

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गजेंद्र शेखावत का विपक्ष पर हमला: भारत विरोधी ताकतों संग अराजकता की साजिश का आरोप

सारांश

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने जोधपुर में विपक्ष पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि विपक्षी रैलियाँ भारत-विरोधी मानसिकता वाले संगठनों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने की कोशिश हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए पार्टी पर 'मानसिक दिवालियेपन' का तीखा आरोप लगाया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 26 अक्टूबर 2026 को जोधपुर में विपक्ष पर भारत-विरोधी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी रैलियाँ हुई हैं, जिन पर शेखावत ने पारदर्शिता की माँग की।
प्रशांत भूषण का नाम लेते हुए शेखावत ने कहा कि ऐसे लोग देश का भविष्य संसद नहीं, सड़क पर तय करने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी को शेखावत ने 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'अभद्र' बताया।
शेखावत ने कांग्रेस पर 'मानसिक दिवालियेपन' का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी के वर्तमान नेतृत्व की विफलता को दर्शाता है।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 26 अक्टूबर 2026 को जोधपुर में मीडिया से बात करते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विपक्षी रैलियाँ उन ताकतों के साथ मिलकर की जा रही हैं जिनकी मानसिकता कथित तौर पर भारत-विरोधी रही है। शेखावत के अनुसार, विपक्ष को पहले जनता के सामने अपना स्पष्ट मंतव्य रखना चाहिए।

विपक्षी आंदोलन पर शेखावत के आरोप

शेखावत ने कहा कि विपक्ष ने इससे पहले भी दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश की थी। उनका आरोप था कि जिन वामपंथी विचारधारा के संगठनों के साथ मिलकर विपक्ष ने आंदोलन किया, उनकी सोच भारत-विरोधी और देश को विभाजित करने वाली रही है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुलेआम बांग्लादेश जैसे रास्ते की बात करते हुए भारत में अराजकता फैलाकर शासन व्यवस्था बदलने की इच्छा जताते हैं। शेखावत ने प्रशांत भूषण का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले नेता यह कह रहे हैं कि देश का भविष्य अब संसद में नहीं, सड़क पर तय होगा।

विपक्ष से पारदर्शिता की माँग

शेखावत ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात जनता के बीच रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन उनका कहना था कि विपक्ष को पहले यह बताना होगा कि उसका असली उद्देश्य क्या है — चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग या कोई और एजेंडा।

उन्होंने कहा कि जनता के सामने पक्ष स्पष्ट किए बिना, केवल भीड़ जुटाकर भाषण देकर वापस लौट जाने से कुछ हासिल नहीं होगा। यदि विपक्ष पारदर्शी रहे, तो जनता उनके संवाद से जुड़ भी सकती है।

खड़गे की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर शेखावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की अभद्र टिप्पणी की कोई जगह नहीं है।

शेखावत ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है — इसी व्यक्ति ने पहले सनातन धर्म के संदर्भ में अपमानजनक बातें की हैं और प्रधानमंत्री की माता के बारे में भी अमर्यादित टिप्पणी की थी।

कांग्रेस पर 'मानसिक दिवालियेपन' का आरोप

शेखावत ने कहा कि खड़गे की टिप्पणी कांग्रेस पार्टी के 'मानसिक दिवालियेपन' को दर्शाती है और यह उसके वर्तमान नेतृत्व की भी विफलता है। उनके अनुसार, कांग्रेस में नेतृत्व हमेशा गांधी परिवार के पास केंद्रित रहा है और यही सोच अब पार्टी के हर स्तर पर दिखने लगी है।

जनसेवा और शिकायत निवारण पर बयान

जोधपुर में जन शिकायतों के निवारण से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का धर्म है कि वह सभी से मिले, उनकी समस्याएँ सुने और यथासंभव समाधान करे। उन्होंने कहा कि हर जनप्रतिनिधि का अधिकतम समय जनता की समस्याओं के निदान के लिए समर्पित होना चाहिए।

आने वाले समय में विपक्षी रैलियों और चुनाव आयोग विवाद को लेकर राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख को और पुख्ता किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे महज़ 'अराजकता की साजिश' के फ्रेम में नहीं डाला जा सकता। खड़गे की टिप्पणी को लेकर शेखावत का आक्रोश समझ में आता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर उठाई गई चिंताओं का जवाब तथ्यों से दिया जाएगा या केवल प्रतिआरोपों से।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजेंद्र शेखावत ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
शेखावत ने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत-विरोधी और देश को विभाजित करने की मानसिकता रखने वाले संगठनों के साथ मिलकर अराजकता फैलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण जैसे लोग संसद की बजाय सड़क पर देश का भविष्य तय करने की बात कर रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा विवाद क्या है?
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर रैलियाँ आयोजित की हैं। शेखावत ने इन रैलियों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष से अपना स्पष्ट मंतव्य जनता के सामने रखने की अपील की।
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर शेखावत ने क्या कहा?
शेखावत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'अभद्र' बताया। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा की कोई जगह नहीं है।
शेखावत ने कांग्रेस को 'मानसिक दिवालिया' क्यों कहा?
शेखावत ने कहा कि खड़गे की टिप्पणी कांग्रेस के 'मानसिक दिवालियेपन' की निशानी है। उनके अनुसार, गांधी परिवार केंद्रित नेतृत्व की यही सोच अब पार्टी के हर स्तर पर झलकने लगी है।
शेखावत ने जन शिकायत निवारण पर क्या कहा?
शेखावत ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह प्रतिदिन जनता से मिले, उनकी समस्याएँ सुने और यथासंभव समाधान करे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का अधिकतम समय जनसेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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