गजेंद्र शेखावत का विपक्ष पर हमला: भारत विरोधी ताकतों संग अराजकता की साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 26 अक्टूबर 2026 को जोधपुर में मीडिया से बात करते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विपक्षी रैलियाँ उन ताकतों के साथ मिलकर की जा रही हैं जिनकी मानसिकता कथित तौर पर भारत-विरोधी रही है। शेखावत के अनुसार, विपक्ष को पहले जनता के सामने अपना स्पष्ट मंतव्य रखना चाहिए।
विपक्षी आंदोलन पर शेखावत के आरोप
शेखावत ने कहा कि विपक्ष ने इससे पहले भी दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश की थी। उनका आरोप था कि जिन वामपंथी विचारधारा के संगठनों के साथ मिलकर विपक्ष ने आंदोलन किया, उनकी सोच भारत-विरोधी और देश को विभाजित करने वाली रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुलेआम बांग्लादेश जैसे रास्ते की बात करते हुए भारत में अराजकता फैलाकर शासन व्यवस्था बदलने की इच्छा जताते हैं। शेखावत ने प्रशांत भूषण का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले नेता यह कह रहे हैं कि देश का भविष्य अब संसद में नहीं, सड़क पर तय होगा।
विपक्ष से पारदर्शिता की माँग
शेखावत ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात जनता के बीच रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन उनका कहना था कि विपक्ष को पहले यह बताना होगा कि उसका असली उद्देश्य क्या है — चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग या कोई और एजेंडा।
उन्होंने कहा कि जनता के सामने पक्ष स्पष्ट किए बिना, केवल भीड़ जुटाकर भाषण देकर वापस लौट जाने से कुछ हासिल नहीं होगा। यदि विपक्ष पारदर्शी रहे, तो जनता उनके संवाद से जुड़ भी सकती है।
खड़गे की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर शेखावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की अभद्र टिप्पणी की कोई जगह नहीं है।
शेखावत ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है — इसी व्यक्ति ने पहले सनातन धर्म के संदर्भ में अपमानजनक बातें की हैं और प्रधानमंत्री की माता के बारे में भी अमर्यादित टिप्पणी की थी।
कांग्रेस पर 'मानसिक दिवालियेपन' का आरोप
शेखावत ने कहा कि खड़गे की टिप्पणी कांग्रेस पार्टी के 'मानसिक दिवालियेपन' को दर्शाती है और यह उसके वर्तमान नेतृत्व की भी विफलता है। उनके अनुसार, कांग्रेस में नेतृत्व हमेशा गांधी परिवार के पास केंद्रित रहा है और यही सोच अब पार्टी के हर स्तर पर दिखने लगी है।
जनसेवा और शिकायत निवारण पर बयान
जोधपुर में जन शिकायतों के निवारण से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का धर्म है कि वह सभी से मिले, उनकी समस्याएँ सुने और यथासंभव समाधान करे। उन्होंने कहा कि हर जनप्रतिनिधि का अधिकतम समय जनता की समस्याओं के निदान के लिए समर्पित होना चाहिए।
आने वाले समय में विपक्षी रैलियों और चुनाव आयोग विवाद को लेकर राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख को और पुख्ता किया है।