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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: एसआईटी ने पंडाल कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को तलब किया

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: एसआईटी ने पंडाल कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को तलब किया

सारांश

कोलकाता के चोरबागान पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में 19 मौतें हुईं। एसआईटी अब पंडाल कलाकार और तीन चश्मदीदों से 28 अक्टूबर को पूछताछ करेगी — फोकस उस भ्रामक घोषणा पर है जिसने दहशत फैलाई और जिसके सिलसिले में दो गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई।
एसआईटी ने पंडाल की थीम तैयार करने वाले कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को लालबाजार मुख्यालय में पेश होने को कहा है।
हादसे के तीन प्रत्यक्षदर्शियों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
शुरुआती जांच के अनुसार एक भ्रामक घोषणा — जिसमें पंडाल गिरने का झूठा दावा किया गया — भगदड़ का मुख्य कारण बनी।
इस घोषणा के संदेह में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसआईटी पंडाल डिज़ाइन की खामियों और आयोजकों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।

कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ — जिसमें 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई — की जांच के तहत पंडाल की थीम डिज़ाइन करने वाले कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके साथ ही एसआईटी ने इस हादसे के तीन प्रत्यक्षदर्शियों को भी अपने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।

जांच का दायरा और फोकस

शहर के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के एक असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में गठित यह एसआईटी पंडाल के स्ट्रक्चरल डिज़ाइन, भीड़ प्रबंधन और उन परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है जिनकी वजह से श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ की नौबत आई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'सुशांत सिबानी पॉल को 28 अक्टूबर तक मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है।' अधिकारी के अनुसार जांचकर्ता यह जानना चाहते हैं कि पंडाल के लेआउट में कोई ऐसी कमी या खामी तो नहीं थी, जिसकी वजह से भारी भीड़ के लिए पर्याप्त आवाजाही की जगह नहीं बच पाई।

भगदड़ से पहले का माहौल

17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के चलते पंडाल में पहले से ही अव्यवस्था का माहौल था। बाहर इंतजार कर रहे श्रद्धालु अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद लोग खराब मौसम के कारण बाहर नहीं निकलना चाहते थे। इसी उलझन भरी स्थिति में एक भ्रामक घोषणा की गई जिसमें दावा किया गया कि पंडाल गिर गया है और लोगों से तत्काल बाहर निकलने को कहा गया। शुरुआती जांच के अनुसार यह घोषणा अफरातफरी का मुख्य कारण बनी।

गिरफ्तारी और चश्मदीदों की भूमिका

इस भ्रामक घोषणा के संदेह में दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तीन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांचकर्ताओं को यह स्थापित करने में मदद करेंगे कि उस घोषणा और भगदड़ के बीच सीधा कारण-संबंध था या नहीं। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि लोग एग्जिट गेट्स की ओर किस कारण से भागे।

आयोजकों की भूमिका की जांच

जांचकर्ता अब घटनाओं के पूरे क्रम और इस हादसे में आयोजकों की कथित भूमिका की भी पड़ताल कर रहे हैं। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए, जो इसे हाल के वर्षों में देश की सबसे दर्दनाक पूजा-पंडाल त्रासदियों में से एक बनाती है। गौरतलब है कि देश में बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की खामियाँ बार-बार जानलेवा साबित होती रही हैं।

आगे की जांच

28 अक्टूबर को पंडाल कलाकार और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के बाद जांच की अगली दिशा तय होगी। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या भीड़ नियंत्रण में प्रशासनिक या संगठनात्मक चूक भी इस हादसे का कारण बनी। जांच के निष्कर्ष न केवल इस मामले में जवाबदेही तय करेंगे, बल्कि भविष्य में ऐसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की प्रणालीगत विफलता का नया उदाहरण है। जांच का फोकस भ्रामक घोषणा पर है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पंडाल में पर्याप्त एग्जिट और भीड़ नियंत्रण तंत्र क्यों नहीं था। देश में हर साल धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी आयोजन अनुमति और सुरक्षा मानकों की जाँच-प्रक्रिया अपर्याप्त बनी रहती है। एसआईटी की जांच केवल तात्कालिक जवाबदेही तय करे, यह काफी नहीं — ज़रूरत है एक बाध्यकारी भीड़ प्रबंधन नीति की, जो राज्य सरकार इस त्रासदी के बाद भी टाल न सके।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। यह हादसा भारी बारिश के दौरान पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मौजूद रहने के दौरान हुआ।
एसआईटी ने पंडाल कलाकार सुशांत सिबानी पॉल को क्यों बुलाया है?
जांचकर्ता यह समझना चाहते हैं कि पंडाल के डिज़ाइन और लेआउट में कोई ऐसी संरचनात्मक खामी तो नहीं थी जिसके कारण भारी भीड़ के लिए पर्याप्त आवाजाही की जगह नहीं बची। सुशांत सिबानी पॉल ने पंडाल की थीम तैयार की थी, इसलिए उनसे पूछताछ जांच का अहम हिस्सा है।
भगदड़ की वजह क्या बताई जा रही है?
शुरुआती जांच के अनुसार एक भ्रामक घोषणा — जिसमें दावा किया गया कि पंडाल गिर गया है — भगदड़ का मुख्य कारण बनी। इस घोषणा के बाद लोग घबराकर एग्जिट गेट्स की ओर भागने लगे। इस संदेह में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसआईटी तीन चश्मदीदों से पूछताछ क्यों कर रही है?
तीन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांचकर्ताओं को भगदड़ से ठीक पहले पंडाल के अंदर के हालात समझने में मदद करेंगे। इससे यह भी स्थापित किया जा सकेगा कि भ्रामक घोषणा और भगदड़ के बीच सीधा कारण-संबंध था या नहीं।
इस मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
भ्रामक घोषणा करने के संदेह में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी आयोजकों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है और 28 अक्टूबर की पूछताछ के बाद जांच की अगली दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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