कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: मृतक संख्या 19 हुई, सीएम अधिकारी ने ₹2.5 लाख मुआवजा और नौकरी का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भयावह भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिनमें से 17 की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 अक्टूबर 2026, रविवार को यह जानकारी दी और प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹2.5 लाख मुआवजा तथा एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
घटना का विवरण
शनिवार को मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबगान पूजा पंडाल में एग्जिट गेट का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसके बाद दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। यह हादसा तब हुआ जब पंडाल में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े हुए थे। पूजा के मौसम में भीड़ का यह उफान हर वर्ष की तरह इस बार भी चरम पर था।
मुआवजा और राहत पैकेज
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, 'जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। उनमें से 13 परिवारों से मैंने वन-टू-वन मुलाकात की। मैंने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।' राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹2.5 लाख मुआवजा और एक नौकरी प्रदान करेगी। इसके अलावा, हर घायल का 100 प्रतिशत चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी और ₹5 लाख का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
घायलों की स्थिति
इस हादसे में कुल 25 लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनमें से 24 खतरे से बाहर हैं, जबकि एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अधिकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुँचे और भर्ती घायलों का हालचाल जाना।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इस भगदड़ की घटना को 'दुखद' बताया और शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उस अस्पताल का दौरा करने वाले हैं जहाँ घायलों का उपचार जारी है।
सुरक्षा पर चेतावनी और आगे की राह
मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य भर में चल रहे 58,000 पूजा आयोजनों के आयोजकों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट प्रवेश-निकास बिंदु और अग्निशमन विभाग तथा पुलिस के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा उत्सव अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन पंडालों में उमड़ रहे हैं।