कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: 17 की मौत, 25 घायल; CM सुवेंदु अधिकारी ने की आपात बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज में तत्काल आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, क्लब द्वारा की गई एक घोषणा के बाद पंडाल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चोरबागान के पंडाल में भारी भीड़ के बीच क्लब की ओर से की गई घोषणा के बाद अफरा-तफरी मच गई, जिसने भगदड़ का रूप ले लिया। घायलों को तत्काल नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह हादसा दुर्गा पूजा उत्सव के चरम पर हुआ, जब पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक होती है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए कहा, 'हमारी प्राथमिकता मृतकों के परिवारों के साथ खड़े रहना और घायलों का इलाज सुनिश्चित करना है।' उन्होंने कोलकाता पुलिस को पंडाल के निजी सुरक्षाकर्मियों और आयोजकों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया। साथ ही फोरेंसिक जाँच के आदेश भी जारी किए गए।
अधिकारी ने सभी पूजा समितियों से पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने और पंडालों में सुरक्षित निकास मार्ग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि थीम आधारित पूजा के नाम पर कई पंडालों के अंदर उचित रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जो सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर चिंता का विषय है। गृह मंत्री के साथ अगले दिन के निर्धारित कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक विशेष जाँच दल घटनास्थल का निरीक्षण करेगा और हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल करेगा। उन्होंने मीडिया और राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे घटनास्थल पर साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि जाँच निष्पक्ष और निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि चोरबागान के दुर्गा पंडाल में भगदड़ के कारण कई श्रद्धालुओं की मृत्यु और घायल होना अत्यंत दुःखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों और घायलों के लिए प्रार्थना की। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव अपने चरम पर था और लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ रहे थे।
आगे की राह
प्रशासन ने शेष पूजा दिनों के दौरान सभी प्रमुख पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के संकेत दिए हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट और जाँच दल के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। यह हादसा बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकास व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।