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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 17 की मौत, पूजा समिति सदस्य और सुरक्षा एजेंसी कर्मचारी हिरासत में

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 17 की मौत, पूजा समिति सदस्य और सुरक्षा एजेंसी कर्मचारी हिरासत में

सारांश

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ ने उत्सव को त्रासदी में बदल दिया — 17 मौतें, 25 घायल। कथित तौर पर निजी सुरक्षा कर्मियों की सीटी और घोषणा से मची अफरातफरी अब जांच के केंद्र में है। पूजा समिति सदस्य और सुरक्षा एजेंसी कर्मचारी हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को भगदड़ में 17 लोगों की मौत हुई, 25 घायल ।
कथित तौर पर एक निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों की घोषणा और सीटी बजाने के बाद भगदड़ मची।
पूजा समिति के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू।
BJP नेता समिक भट्टाचार्य ने पारदर्शी जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता की मांग की।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी , जेपी नड्डा , महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने बताया कि भगदड़ एक निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा की गई घोषणा और सीटी बजाने के बाद शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार, पूजा समिति के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान चोरबागान के सार्वजनिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। कथित तौर पर निजी सुरक्षा कर्मियों की घोषणा और सीटी बजाने से भीड़ में अफरातफरी मच गई, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति बन गई। 17 लोगों की मौके पर या अस्पताल में मौत हो गई, जबकि 25 घायलों का उपचार जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल में लाखों श्रद्धालु पंडालों में आते हैं और भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। गौरतलब है कि बड़े उत्सवों में भगदड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है, और हर बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

जाँच की स्थिति

भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'यह एक अत्यंत दुखद और परेशान करने वाली घटना है। मौके पर मौजूद एसीपी से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, ऐसा लगता है कि यह घटना एक निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा की गई घोषणा और सीटी बजाने के बाद हुई। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।'

भट्टाचार्य ने आगे कहा, 'एक पारदर्शी जांच, मानवीय सहायता और न्याय — इस समय यही तीन सबसे जरूरी प्राथमिकताएं हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने जांच के दौरान जल्दबाजी में कोई टिप्पणी करने से परहेज किया और गहन, पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर लिखा, 'पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागन स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में हुई लोगों की दुखद मौत से मुझे गहरा आघात लगा है। दुख की इस घड़ी में मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, 'पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान में हुई दुखद भगदड़ से गहरा दुख हुआ है। स्थानीय प्रशासन युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य चला रहा है।' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

BJP सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी एक्स पर लिखा कि यह खबर 'अत्यंत हृदयविदारक और व्यथित करने वाली है' और उन्होंने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी घटना को 'अत्यंत पीड़ादायक' बताते हुए पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जताई।

आम जनता पर असर

इस हादसे ने पूरे देश में दुर्गा पूजा उत्सव के बीच शोक की लहर पैदा कर दी है। 25 घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पीड़ित परिवारों को हर जरूरी सहायता पहुंचाने की अपील विभिन्न नेताओं ने की है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, घटना के हर पहलू की जांच की प्रक्रिया जारी है और हिरासत में लिए गए पूजा समिति सदस्यों तथा सुरक्षा एजेंसी कर्मचारियों से पूछताछ चल रही है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की समीक्षा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनुत्तरित रहता है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं अपेक्षित हैं, लेकिन असली जवाबदेही तय होगी इस बात से कि जांच कितनी निष्पक्ष और समयबद्ध होती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि हर बड़े उत्सव के बाद ऐसी समीक्षाओं की मांग उठती है, पर व्यवस्थागत सुधार कागजों पर ही रह जाते हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में कितने लोगों की मौत हुई?
17 अक्टूबर को कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हुए। घायलों का उपचार जारी है।
कोलकाता पंडाल भगदड़ का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद एसीपी ने बताया कि भगदड़ एक निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा की गई घोषणा और सीटी बजाने के बाद शुरू हुई। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना जा सकता।
भगदड़ के बाद किन्हें हिरासत में लिया गया है?
अधिकारियों के अनुसार, पूजा समिति के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। घटना के हर पहलू की जांच जारी है।
BJP नेता समिक भट्टाचार्य ने इस घटना पर क्या कहा?
भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को हर जरूरी मदद पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी से बचने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने पर जोर दिया।
इस घटना पर केंद्र सरकार और अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और BJP सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने एक्स पर शोक व्यक्त किया। सभी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राष्ट्र प्रेस
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