कोलकाता: चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 की मौत; बारिश में भीड़ बेकाबू
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को उस समय भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अचानक हुई तेज बारिश से बचने के लिए भारी भीड़ एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह चोरबागान पूजा के 91 साल के इतिहास में पहली बार है जब इस तरह की दुर्घटना घटी।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम पंडाल में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद थे। अचानक मूसलाधार बारिश शुरू होते ही लोग भीगने से बचने के लिए तेज़ी से पंडाल के भीतर की ओर दौड़ पड़े।
एक साथ हज़ारों लोगों के अंदर जाने की कोशिश से भीड़ का दबाव बेतहाशा बढ़ गया। इस धक्का-मुक्की में कई लोग संतुलन खोकर फिसल गए और गिर पड़े। गिरे हुए लोगों पर और लोग चढ़ते चले गए, जिससे स्थिति भयावह हो गई।
मृत्यु और घायल: आँकड़े
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालाँकि, आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है और मृतकों व घायलों की संख्या बदल सकती है।
91 साल के इतिहास में पहली बार
एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'अचानक बारिश शुरू हो गई, जिसकी वजह से कुछ लोग फिसलकर गिर गए और भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह पहली बार है जब इस पंडाल में ऐसी घटना घटी है।' एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा, 'वहाँ बहुत भीड़ थी और इसी अफरा-तफरी में लोग गिर गए।'
चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा कोलकाता की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित पूजाओं में से एक मानी जाती है, जो लगभग 91 वर्षों से आयोजित होती आ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्यभर में दुर्गा पूजा के उत्सव अपने चरम पर थे और लाखों श्रद्धालु पंडाल दर्शन के लिए निकले हुए थे।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
यह हादसा बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करता है। गौरतलब है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में भीड़-भाड़ वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान भगदड़ की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।
स्थानीय लोगों ने भीड़ के अनियंत्रित दबाव और अचानक बारिश को इस दुर्घटना की प्रमुख वजह बताया है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
आगे की स्थिति
घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान और जाँच की प्रतीक्षा है। उम्मीद है कि आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होगी।