18 अक्टूबर 2026
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कोलकाता: चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 की मौत; बारिश में भीड़ बेकाबू

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कोलकाता: चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 की मौत; बारिश में भीड़ बेकाबू

सारांश

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के बीच भगदड़ मच गई — 17 की मौत, 25 घायल। 91 साल पुराने इस पूजा के इतिहास में पहली बार ऐसी दुर्घटना हुई। अचानक बारिश और बेकाबू भीड़ का संयोग जानलेवा साबित हुआ।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को भगदड़ जैसी स्थिति बनी।
हादसे में 17 लोगों की मौत और 25 लोग घायल होने की सूचना है; आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार।
अचानक तेज़ बारिश के कारण भारी भीड़ एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगी, जिससे धक्का-मुक्की और फिसलन हुई।
91 साल के इतिहास में पहली बार चोरबागान पूजा पंडाल में ऐसा हादसा दर्ज हुआ।
घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की खामियों पर गंभीर सवाल उठाए।

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 को उस समय भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अचानक हुई तेज बारिश से बचने के लिए भारी भीड़ एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह चोरबागान पूजा के 91 साल के इतिहास में पहली बार है जब इस तरह की दुर्घटना घटी।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम पंडाल में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद थे। अचानक मूसलाधार बारिश शुरू होते ही लोग भीगने से बचने के लिए तेज़ी से पंडाल के भीतर की ओर दौड़ पड़े।

एक साथ हज़ारों लोगों के अंदर जाने की कोशिश से भीड़ का दबाव बेतहाशा बढ़ गया। इस धक्का-मुक्की में कई लोग संतुलन खोकर फिसल गए और गिर पड़े। गिरे हुए लोगों पर और लोग चढ़ते चले गए, जिससे स्थिति भयावह हो गई।

मृत्यु और घायल: आँकड़े

स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालाँकि, आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है और मृतकों व घायलों की संख्या बदल सकती है।

91 साल के इतिहास में पहली बार

एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'अचानक बारिश शुरू हो गई, जिसकी वजह से कुछ लोग फिसलकर गिर गए और भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह पहली बार है जब इस पंडाल में ऐसी घटना घटी है।' एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा, 'वहाँ बहुत भीड़ थी और इसी अफरा-तफरी में लोग गिर गए।'

चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा कोलकाता की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित पूजाओं में से एक मानी जाती है, जो लगभग 91 वर्षों से आयोजित होती आ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्यभर में दुर्गा पूजा के उत्सव अपने चरम पर थे और लाखों श्रद्धालु पंडाल दर्शन के लिए निकले हुए थे।

भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल

यह हादसा बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करता है। गौरतलब है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में भीड़-भाड़ वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान भगदड़ की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

स्थानीय लोगों ने भीड़ के अनियंत्रित दबाव और अचानक बारिश को इस दुर्घटना की प्रमुख वजह बताया है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

आगे की स्थिति

घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान और जाँच की प्रतीक्षा है। उम्मीद है कि आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर बार जाँच के बाद जवाबदेही तय नहीं हो पाती। जब तक भीड़ प्रबंधन के लिए बाध्यकारी मानक और उनके उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे हादसे 'पहली बार' बनकर इतिहास में दर्ज होते रहेंगे।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में क्या हुआ?
17 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अचानक तेज़ बारिश शुरू होने पर भारी भीड़ एक साथ अंदर घुसने लगी, जिससे कई लोग फिसलकर गिर गए और 17 लोगों की मौत हो गई जबकि 25 घायल हो गए।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आधिकारिक आँकड़ों की अभी प्रतीक्षा है।
हादसे की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक हुई तेज़ बारिश और पंडाल में पहले से मौजूद भारी भीड़ इस दुर्घटना की प्रमुख वजह रही। बारिश से बचने के लिए हज़ारों लोग एक साथ अंदर घुसने लगे, जिससे भीड़ का दबाव बेकाबू हो गया और लोग गिर पड़े।
क्या चोरबागान दुर्गा पूजा में पहले भी ऐसा हादसा हुआ था?
नहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा के 91 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब इस तरह की दुर्घटना घटी है।
इस हादसे के बाद क्या कार्रवाई हुई?
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचे और घायलों को अस्पताल भेजा गया। आधिकारिक बयान और जाँच की प्रतीक्षा है। बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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