18 अक्टूबर 2026
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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: चोरबागान पंडाल में 15 से अधिक घायल, CM सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुँचे

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: चोरबागान पंडाल में 15 से अधिक घायल, CM सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुँचे

सारांश

कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में निकास द्वार का हिस्सा गिरने से मची भगदड़ में कम से कम 15 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुँचे, पूर्व CM ममता बनर्जी ने एक्स पर दुख जताया। घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका, बचाव दल मौके पर।

मुख्य बातें

17 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
कम से कम 15 लोग घायल , सभी को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया; कुछ की हालत गंभीर।
रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई मौत नहीं, लेकिन अधिकारियों ने घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी BJP नेताओं के साथ अस्पताल पहुँचे और सर्वोत्तम उपचार का निर्देश दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
पंडाल प्रवेश बंद, कोलकाता पुलिस , राज्य आपदा प्रबंधन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर।

कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर 2026 की शाम भारी भीड़ के दबाव में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें कम से कम 15 लोग घायल हो गए और उन्हें पास के कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

घटनाक्रम: क्या हुआ पंडाल में

मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित इस पूजा पंडाल में दुर्गा पूजा के अवसर पर उमड़ी विशाल भीड़ के बीच अचानक निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। आयोजकों के अनुसार, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित भीड़ के दबाव में कुचले गए या संरचना के ढहने से घायल हुए।

पूजा आयोजक बिकाश दास ने मीडियाकर्मियों को बताया, 'अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना कैसे घटी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान बचाव कार्य पर है और हमारा प्राथमिक कार्य घायलों को अस्पताल पहुँचाना है।' घटना के बाद आयोजकों ने पंडाल परिसर में प्रवेश बंद कर दिया और बत्तियाँ भी बुझा दीं।

बचाव अभियान

कोलकाता पुलिस के जवान, राज्य आपदा प्रबंधन दल और अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव कार्य में जुट गईं। अधिकारियों के अनुसार, आशंका है कि घायलों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुँचे और भर्ती घायलों की स्थिति का जायज़ा लिया। अधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा: 'चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बारे में जानकर मुझे गहरा सदमा लगा है और मैं बहुत दुखी हूँ। मैं माँ दुर्गा से प्रार्थना करती हूँ कि सभी घायलों को शीघ्र स्वस्थ किया जाए और इस कठिन समय में उनके परिवारों को शक्ति और साहस मिले।'

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन पहले से ही एक गंभीर चुनौती रही है। गौरतलब है कि कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया जा चुका है, जिसके चलते इस उत्सव में देश-विदेश से लाखों दर्शक उमड़ते हैं।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ इस घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, पंडाल की संरचनात्मक सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और घटनाक्रम अभी विकसित हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब यूनेस्को मान्यता के बाद पंडालों में आने वाले दर्शकों की संख्या हर साल रिकॉर्ड तोड़ रही है। बड़ा सवाल यह है कि क्या निकास द्वार का गिरना संरचनात्मक लापरवाही थी या अस्थायी पंडालों के लिए सुरक्षा मानकों की अनुपस्थिति का नतीजा। राजनीतिक नेताओं का अस्पताल दौरा सहानुभूति का प्रतीक है, लेकिन मूल सवाल — बड़े आयोजनों में भीड़ सीमा और संरचना-निरीक्षण का जवाबदेह तंत्र — का उत्तर अभी नहीं मिला है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में क्या हुआ?
17 अक्टूबर 2026 को उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में निकास द्वार का एक हिस्सा गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भारी भीड़ में दहशत फैलने से कम से कम 15 लोग घायल हो गए।
घायलों को कहाँ भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति क्या है?
कम से कम 15 घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि मृत्यु की कोई खबर नहीं है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना पर क्या किया?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी BJP प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुँचे और घायलों की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने अस्पताल अधिकारियों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ममता बनर्जी ने इस घटना पर क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने माँ दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और उनके परिवारों को शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
पंडाल में भगदड़ का सटीक कारण क्या था?
आयोजक बिकाश दास के अनुसार, घटना का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निकास द्वार का एक हिस्सा गिरने के बाद भीड़ में दहशत फैली, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित भीड़ के दबाव में कुचले गए या ढाँचे के गिरने से घायल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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