कोलकाता भगदड़: CM सुवेंदु अधिकारी 20-21 अक्टूबर को मृतकों के परिजनों से मिलेंगे, ₹5 लाख मुआवजा चेक सौंपेंगे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता स्थित भवानी भवन में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि वे 20 और 21 अक्टूबर को चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और ₹5 लाख प्रति परिवार के मुआवजे के चेक सौंपेंगे। यह भगदड़ उत्तर कोलकाता के चोरबागान पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दौरान हुई, जिसमें निकास द्वार की संरचना का एक हिस्सा ढह जाने से अफरा-तफरी मच गई।
घटनाक्रम और कारण
उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे। मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, बारिश शुरू होने के बाद भीड़ नियंत्रण के लिए लगाई गई रस्सियाँ छोड़ दी गई थीं और दो लेन की उचित व्यवस्था नहीं थी। रस्सियों की श्रृंखला टूटने के बाद निकास द्वार के पास भगदड़ मच गई।
घायलों को तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और दो अन्य सरकारी अस्पतालों में पहुँचाया गया। कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में करीब 17 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि 25 घायलों को भर्ती किया गया। रविवार तक मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई।
मृतकों और घायलों की स्थिति
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में 18 लोग पश्चिम बंगाल के निवासी थे, जबकि एक व्यक्ति बिहार का रहने वाला था। उन्होंने कहा, 'शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आईसीयू में भर्ती दो घायलों की हड्डियों में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि शेष 23 घायलों को अस्पताल से छुट्टी देने के लिए फिट घोषित किया गया है।'
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रत्येक मृतक के परिवार के साथ अंतिम संस्कार संपन्न होने तक नागरिक प्रशासन का एक अधिकारी, पुलिस प्रशासन का एक अधिकारी और स्थानीय विधायक की तीन सदस्यीय टीम मौजूद रहेगी।
एसआईटी जांच और गिरफ्तारियाँ
घटना की जाँच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की जा रही है, जो कलकत्ता हाईकोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में काम करेगी। इसके लिए मुख्य सचिव हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे। उल्लेखनीय है कि एसआईटी से कोलकाता पुलिस, कोलकाता नगर निगम (KMC) और राज्य अग्निशमन सेवा विभाग के कर्मियों को बाहर रखा गया है।
इससे पहले रविवार को पुलिस ने आयोजकों समेत सात लोगों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर हिरासत में लिया। राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी अस्पताल का दौरा किया।
स्वयंसेवक व्यवस्था पर सफाई
दुर्गा पूजा पंडाल प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिक स्वयंसेवकों की भर्ती 2024-25 में की गई थी और इस बार पुरानी सूची से ही स्वयंसेवकों को लिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन से सूची मांगी गई है और तथ्यों की पड़ताल किए बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पश्चिम बंगाल की 10.5 से 11 करोड़ की आबादी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा का आश्वासन दिया।
आगे की योजना और श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि 26 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विजय सम्मिलनी कार्यक्रम में सरकार भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। इसी कार्यक्रम में 25 घायलों के परिजनों को भी ₹5-5 लाख के चेक सौंपे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) की सहायता से स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख रहे हैं। गौरतलब है कि यह त्रासदी ऐसे समय में आई है जब पूरा बंगाल दुर्गा पूजा के उत्सव में डूबा हुआ था — और इस हादसे ने पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन की गंभीर खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।