कोलकाता भगदड़ पर दिलीप घोष बोले — सरकार जिम्मेदार, हादसे को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभा रही है और इस दुखद हादसे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा उत्सव अभी भी जारी है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री दिलीप घोष का बयान
पत्रकारों से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा, 'ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। जो लोग इसका राजनीतिकरण करना चाहते हैं, वे करेंगे। हर जगह इतनी पूजा हो रही है, पुलिस मौजूद है, पूरी व्यवस्था ठीक से काम कर रही है और लाखों लोग सड़कों पर घूम रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्लभ होती हैं, इसीलिए इन्हें 'हादसा' कहा जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐसा होना स्वीकार्य है।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं और मुआवज़े का ऐलान
इस घटना पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। उनमें से 13 परिवारों से मैंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।' सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹25 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। इसके अतिरिक्त, हर घायल व्यक्ति का 100 प्रतिशत चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी तथा ₹5 लाख का अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा।
ममता बनर्जी और 'रिजीम चेंज' विवाद पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए उन पर लूटपाट और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और उन्होंने राज्य की प्रगति को बाधित किया है। 'रिजीम चेंज' वाले बयानों पर पलटवार करते हुए घोष ने कहा कि ऐसे बयान देने वालों के उन विदेशी शक्तियों से संबंध होते हैं जो भारत को अस्थिर करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को लेकर ऐसे लोगों और कुछ विदेशी तत्वों की भाषा अक्सर एक जैसी होती है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी पर टिप्पणी
यूट्यूबर ध्रुव राठी को लेकर भी घोष ने बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जिनका देश में कोई सामाजिक योगदान नहीं है और जो लोगों की समस्याओं से अनभिज्ञ हैं, वे केवल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए देश को बदनाम करते हैं — चाहे वह देश में रहकर हो या विदेश से।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि चोरबगान में हुई यह भगदड़ ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ रहे हैं। सरकार ने पीड़ितों को राहत देने की कार्रवाई शुरू कर दी है, परंतु विपक्ष द्वारा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार को भीड़ प्रबंधन की अपनी रणनीति को लेकर और अधिक जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है।