18 अक्टूबर 2026
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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 मौतें, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में BNSS 163 तीन दिन लागू

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 मौतें, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में BNSS 163 तीन दिन लागू

सारांश

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में रात की भगदड़ ने उत्सव को त्रासदी में बदल दिया — 19 मौतें, 25 घायल। प्रशासन ने तीन दिन के लिए BNSS 163 लगाया और सरकार ने हर पीड़ित परिवार को ₹25 लाख और नौकरी का वादा किया।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 18 अक्टूबर 2026 की रात भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई, जिनमें 17 की मौत मौके पर ही हो गई।
25 लोग घायल हुए, जिनमें से 24 खतरे से बाहर हैं और एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
कोलकाता मेडिकल कॉलेज और आसपास के इलाकों में BNSS 2023 की धारा 163 18 से 20 अक्टूबर तक लागू की गई है — रैली, जुलूस, धरने पर रोक।
पश्चिम बंगाल सरकार हर पीड़ित परिवार को ₹25 लाख मुआवज़ा और एक सरकारी नौकरी देगी; घायलों का 100% चिकित्सा खर्च और ₹5 लाख अतिरिक्त मुआवज़ा भी देगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 13 पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात की और राज्यभर में 58,000 पूजाओं के आयोजकों से भीड़ नियंत्रण की अपील की।

कोलकाता के उत्तर में मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 18 अक्टूबर 2026 की रात हुई भीषण भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हुए। हादसे की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 लागू कर दी है, जो 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

भगदड़ का घटनाक्रम

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को पुष्टि की कि भगदड़ में मारे गए 19 लोगों में से 17 की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। 25 घायलों में से 24 खतरे से बाहर हैं, जबकि एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पंडाल में भारी भीड़ उमड़ी थी।

घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

BNSS 163 क्यों लागू हुई

पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर किसी वर्ग या संगठन द्वारा हिंसक प्रदर्शन, रैलियाँ और सभाएँ करने की आशंका व्यक्त की गई है। आदेश में यह भी कहा गया कि सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और सुरक्षा में बाधा आने और लोगों की जान को खतरे की संभावना के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। इस आदेश के तहत कोलकाता शहर और आसपास के इलाकों में किसी भी रैली, बैठक, जुलूस, धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

गौरतलब है कि BNSS 2023 की धारा 163 वही प्रावधान है जो पूर्व की दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 की भूमिका निभाती है — यानी मजिस्ट्रेट या सक्षम अधिकारी को आपात स्थिति में सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाने का अधिकार देती है।

सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। उनमें से 13 परिवारों से मैंने व्यक्तिगत मुलाकात की। मैंने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।'

पश्चिम बंगाल सरकार ने घोषणा की है कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹25 लाख का मुआवज़ा और एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रत्येक घायल व्यक्ति का 100% चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी, साथ ही ₹5 लाख का अतिरिक्त मुआवज़ा भी दिया जाएगा।

राज्यभर में सतर्कता की अपील

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, 'पूरे राज्य में 58,000 पूजाएँ हो रही हैं। इस घटना को देखते हुए सभी आयोजकों को सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त लाइटिंग, एंट्री-एग्जिट पॉइंट और फायर ब्रिगेड तथा पुलिस के दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य है।'

यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा उत्सव अपने चरम पर है और कोलकाता में लाखों श्रद्धालु पंडालों में आ-जा रहे हैं। प्रशासन की यह तत्परता आगे होने वाली किसी और दुर्घटना को रोकने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।

आगे की स्थिति

20 अक्टूबर 2026 तक लागू BNSS 163 के बाद प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेगा। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और घायलों का उपचार कोलकाता मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार भगदड़ के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पूजाओं की अनुमति देते वक्त प्रशासन ने भीड़ क्षमता और आपातकालीन निकास के मानक क्यों नहीं लागू किए। BNSS 163 तात्कालिक नियंत्रण तो दे सकती है, लेकिन यह दीर्घकालिक सुरक्षा ढाँचे का विकल्प नहीं है। मुआवज़ा और सहानुभूति ज़रूरी हैं, पर जवाबदेही — कि यह भगदड़ हुई क्यों — उससे भी ज़रूरी है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 18 अक्टूबर 2026 की रात हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 17 की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। 25 लोग घायल हुए, जिनमें से एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कोलकाता में BNSS धारा 163 क्यों लागू की गई है?
भगदड़ के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनज़र कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में BNSS 2023 की धारा 163 लागू की है। यह 18 से 20 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी है और इस दौरान रैली, जुलूस, धरना या सभा की अनुमति नहीं है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने पीड़ितों के लिए क्या मुआवज़ा घोषित किया है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख मुआवज़ा और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। प्रत्येक घायल का 100% चिकित्सा खर्च सरकार उठाएगी और उन्हें ₹5 लाख का अतिरिक्त मुआवज़ा भी दिया जाएगा।
चोरबगान पंडाल भगदड़ की जाँच कौन कर रहा है?
अधिकारियों के अनुसार भगदड़ के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की, जिसमें राहत और जाँच की दिशा तय की गई।
BNSS धारा 163 क्या होती है?
BNSS 2023 की धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का वह प्रावधान है जो पूर्व की CrPC की धारा 144 की भूमिका निभाती है। इसके तहत सक्षम अधिकारी आपात स्थिति में किसी क्षेत्र में सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और प्रदर्शनों पर रोक लगा सकता है ताकि शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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