कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: बंगाल सरकार ने 6 सदस्यीय न्यायिक जांच समिति गठित की, 19 की हुई थी मौत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 21 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की रात हुई भगदड़ की जांच के लिए छह सदस्यीय न्यायिक जांच समिति के गठन की औपचारिक घोषणा की। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी, जो इस वर्ष की दुर्गा पूजा के दौरान हुई सबसे बड़ी त्रासदी बन गई।
जांच समिति की संरचना
राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। समिति में कुल पाँच अन्य सदस्य शामिल हैं — राज्य आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) के महानिदेशक, राज्य पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के एक प्रतिनिधि, राज्य गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी, और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के एक प्रतिनिधि।
जांच के दायरे और अधिकार
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित विभाग, प्राधिकरण, एजेंसियाँ और व्यक्ति विशेष जांच दल को पूर्ण सहयोग देंगे तथा आवश्यक अभिलेख, सूचना और सहायता उपलब्ध कराएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। समिति आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार से अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति का अनुरोध कर सकती है।
आदेश के अनुसार, समिति इस आदेश की जारी होने की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट, निष्कर्षों और सिफारिशों सहित राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी, ताकि कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री की माँग और हाई कोर्ट से अनुरोध
गौरतलब है कि इस दुखद घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि वे चाहते हैं कि न्यायिक जांच पैनल का नेतृत्व कलकत्ता हाई कोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश द्वारा किया जाए। इस संदर्भ में मुख्य सचिव कार्यालय ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे के कार्यालय को एक अनुरोध पत्र भी भेजा था। हालाँकि, अंतत: जांच समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश को अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
घटना की पृष्ठभूमि
यह दुर्घटना 17 अक्टूबर 2026 की रात चोरबागान सर्वजनिन के सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में उस समय हुई जब भारी भीड़ एकत्र थी। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं। यह पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हुई हालिया बड़ी भगदड़ों में से एक है, जिसने राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है।
आगे क्या होगा
जांच समिति के गठन के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या समिति तीन महीने की निर्धारित अवधि में अपनी रिपोर्ट सौंप पाती है और उसकी सिफारिशें भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में कितनी कारगर साबित होती हैं। पीड़ित परिवारों और नागरिक संगठनों की निगाहें इस जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर टिकी हैं।