भारत में ऑफिस लीजिंग Q3 2026 में रिकॉर्ड 23.7 मिलियन वर्ग फीट, BFSI और फ्लेक्स स्पेस की हिस्सेदारी 40%
सारांश
मुख्य बातें
भारत का ऑफिस रियल एस्टेट बाज़ार जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुँच गया, जब कुल ऑफिस स्पेस की खपत 23.7 मिलियन वर्ग फीट दर्ज की गई — जो किसी भी तिमाही में अब तक की सबसे अधिक है। वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म वेस्टियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस आँकड़े में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, हालाँकि भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण तिमाही-दर-तिमाही मांग लगभग समान बनी रही।
मुख्य घटनाक्रम: रिकॉर्ड तिमाही का ब्योरा
वेस्टियन रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि Q3 2026 की 23.7 मिलियन वर्ग फीट की खपत अब तक का सबसे बड़ा तिमाही आँकड़ा है। प्रमुख महानगरों में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की माँग सबसे अधिक रही, जो कि प्रीमियम, संस्थागत गुणवत्ता वाली इमारतों की ओर कारोबारी झुकाव को दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऑफिस रियल एस्टेट क्षेत्र दबाव में है और कई बाज़ारों में रिक्तता दर बढ़ रही है। भारत का यह प्रदर्शन घरेलू माँग की मज़बूती और विविध सेक्टोरल आधार को रेखांकित करता है।
BFSI और फ्लेक्स स्पेस: नए विकास इंजन
बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर की हिस्सेदारी इस तिमाही में तेज़ी से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई, जबकि Q2 2026 में यह केवल 8 प्रतिशत और Q3 2025 में 15 प्रतिशत थी। यह उछाल बताता है कि वित्तीय सेवा कंपनियाँ अपनी भौतिक उपस्थिति तेज़ी से विस्तारित कर रही हैं।
इसके साथ ही, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों और मैनेज्ड ऑफिस की संयुक्त हिस्सेदारी कुल लीजिंग में 20 प्रतिशत रही — जो Q3 2025 के 14 प्रतिशत से उल्लेखनीय रूप से अधिक है, हालाँकि पिछली तिमाही के 22 प्रतिशत से मामूली कम। रिपोर्ट के अनुसार, BFSI और फ्लेक्स स्पेस का संयुक्त योगदान इस तिमाही में 40 प्रतिशत रहा।
IT-ITeS की घटती हिस्सेदारी
गौरतलब है कि IT-ITeS सेक्टर ऑफिस लीजिंग में सबसे बड़ा एकल योगदानकर्ता बना हुआ है, लेकिन कुल खपत में इसकी हिस्सेदारी Q2 2026 के 41 प्रतिशत और Q3 2025 के 31 प्रतिशत से घटकर इस तिमाही में केवल 23 प्रतिशत रह गई।
यह बदलाव संरचनात्मक महत्व का है। लंबे समय से IT-ITeS के एकाधिकार वाले इस बाज़ार में अब BFSI और फ्लेक्स स्पेस जैसे नए क्षेत्र अपनी पकड़ मज़बूत कर रहे हैं, जिससे माँग का आधार अधिक विविध और टिकाऊ हो रहा है।
शहर-दर-शहर तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग शहरों में माँग के पैटर्न भिन्न रहे। चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में BFSI कंपनियाँ ऑफिस स्पेस खपत को गति देने में अग्रणी रहीं। वहीं पुणे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों की लीजिंग गतिविधि सर्वाधिक रही।
दूसरी तरफ, बेंगलुरु और मुंबई में ऑफिस स्पेस की बड़ी माँग अभी भी IT-ITeS कंपनियों की ओर से आई, जो इन शहरों की पारंपरिक तकनीकी पहचान को बनाए रखती है।
आगे का परिदृश्य
आँकड़ों के अनुसार, BFSI और फ्लेक्स स्पेस की संयुक्त हिस्सेदारी में वृद्धि भारत के ऑफिस बाज़ार में एक दीर्घकालिक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। यदि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ कम होती हैं, तो विश्लेषकों का मानना है कि आगामी तिमाहियों में माँग और मज़बूत हो सकती है।