चेन्नई में मिड-साइज ऑफिस लीजिंग दोगुनी, अहमदाबाद में 121% उछाल — जनवरी-जून 2026
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई और अहमदाबाद के ऑफिस रियल एस्टेट बाज़ार में जनवरी-जून 2026 के दौरान मिड-साइज ऑफिस स्पेस (50,000–1,00,000 वर्ग फुट) की लीजिंग में उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की गई है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई में इस श्रेणी की लीजिंग गतिविधि वर्ष 2025 की पहली छमाही के 6 लाख वर्ग फुट से लगभग दोगुनी होकर 12 लाख वर्ग फुट पर पहुँच गई — यह बदलाव दर्शाता है कि बाज़ार अब बड़े सौदों पर निर्भरता से हटकर अधिक विविध लीजिंग ढाँचे की ओर बढ़ रहा है।
चेन्नई: बाज़ार का संतुलित होता स्वरूप
रिपोर्ट के आँकड़ों के अनुसार, चेन्नई में मिड-साइज ट्रांजैक्शंस की कुल लीजिंग में हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई — अर्थात् अब हर तीन ऑफिस सौदों में से लगभग एक मिड-साइज श्रेणी का है। गौरतलब है कि 2025 की पहली छमाही में 1,00,000 वर्ग फुट से अधिक के बड़े सौदे कुल लीजिंग का 60 प्रतिशत हिस्सा थे, जो 2026 की पहली छमाही में घटकर 31 प्रतिशत रह गए।
इसी अवधि में छोटे ऑफिस ट्रांजैक्शंस (50,000 वर्ग फुट से कम) की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रही, जबकि मिड-साइज 32 प्रतिशत और बड़े सौदे 31 प्रतिशत पर रहे। यह तीनों श्रेणियों में लगभग समान वितरण बाज़ार के परिपक्व होने का संकेत है।
विशेषज्ञ की राय
नाइट फ्रैंक इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर — ऑक्यूपायर स्ट्रैटेजी एंड सॉल्यूशंस तथा हेड ऑफ डेटा सेंटर बिजनेस (इंडिया) जोसेफ थिलक ने कहा, 'चेन्नई का ऑफिस बाज़ार अब अधिक विविध लीजिंग इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है, जहाँ मिड-साइज ऑफिस लेने वाली कंपनियाँ माँग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'जैसे-जैसे कंपनियाँ चरणबद्ध विस्तार की रणनीति अपना रही हैं और परिचालन में अधिक लचीलापन चाहती हैं, हमें उम्मीद है कि मिड-साइज ऑफिस सेगमेंट में माँग मज़बूत बनी रहेगी।' थिलक के अनुसार, चेन्नई मध्यम अवधि में संतुलित ऑफिस मार्केट ग्रोथ बनाए रखने की मज़बूत स्थिति में है।
अहमदाबाद: 121 प्रतिशत की उछाल
अहमदाबाद में भी मिड-साइज ऑफिस स्पेस की माँग में तीव्र वृद्धि देखी गई। इस श्रेणी में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम सालाना आधार पर 121 प्रतिशत बढ़कर 2.7 लाख वर्ग फुट हो गया, जो 2025 की पहली छमाही में 1.2 लाख वर्ग फुट था। कुल लीजिंग में मिड-साइज ट्रांजैक्शंस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत पर पहुँच गई।
यह रुझान दर्शाता है कि अहमदाबाद में भी कंपनियाँ परिचालन में लचीलापन बनाए रखते हुए विस्तार-योग्य ऑफिस स्पेस को प्राथमिकता दे रही हैं।
आम जनता और कारोबार पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के प्रमुख शहरों में कॉर्पोरेट कंपनियाँ 'वर्क फ्रॉम ऑफिस' नीतियों की ओर लौट रही हैं और अपने कार्यालय नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार कर रही हैं। मिड-साइज स्पेस की बढ़ती माँग यह भी संकेत देती है कि छोटी और मध्यम आकार की कंपनियाँ, साथ ही बड़े समूहों की क्षेत्रीय इकाइयाँ, अपने विस्तार में अधिक सतर्क और लचीला दृष्टिकोण अपना रही हैं।
आगे क्या
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई और अहमदाबाद दोनों बाज़ारों में यह संतुलित लीजिंग प्रवृत्ति आने वाली तिमाहियों में भी जारी रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कंपनियाँ चरणबद्ध विस्तार की रणनीति बनाए रखती हैं, मिड-साइज ऑफिस सेगमेंट की माँग स्थिर रहेगी।