भारत में 75% कॉरपोरेट ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में पोर्टफोलियो विस्तार की योजना में: CBRE रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
CBRE साउथ एशिया की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर चार में से तीन कॉरपोरेट ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं — यह आँकड़ा देश में कॉरपोरेट रियल एस्टेट के प्रति बढ़ते दीर्घकालिक भरोसे का संकेत है। अप्रैल से जून 2026 के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित यह रिपोर्ट 20 अगस्त 2026 को जारी की गई।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 प्रतिशत ऑफिस उपयोगकर्ता भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का 'महत्वपूर्ण' विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आँकड़ा केवल 18 प्रतिशत था। सर्वेक्षण में शामिल करीब आधे उत्तरदाता कारोबारी वृद्धि के साथ-साथ अपनी रियल एस्टेट उपस्थिति बढ़ाने और मौजूदा परिसंपत्तियों को समेकित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
विस्तार की योजना बना रहे उत्तरदाताओं ने बताया कि वे अगले दो वर्षों में भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करना चाहते हैं। इसके अलावा, करीब एक चौथाई उपयोगकर्ता मौजूदा लीज़ समझौतों को नवीनीकृत करने की तैयारी में हैं।
विशेषज्ञों की राय
CBRE के चेयरमैन एवं सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमान मैगज़ीन ने कहा, 'जब करीब एक-तिहाई ऑफिस उपयोगकर्ता अपनी ऑफिस मौजूदगी को एक-तिहाई से अधिक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि कंपनियाँ भारत की रियल एस्टेट रणनीति को लेकर केवल चक्रीय नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में बढ़ रही हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि ऑफिस क्षेत्र में कुल उपलब्ध स्थान पहले ही 1 अरब वर्ग फुट का आँकड़ा पार कर चुका है।
CBRE के भारत में लीज़िंग सर्विसेज़ के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने विस्तार की व्यापकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह रुझान किसी एक क्षेत्र या विशेष श्रेणी की कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि परिचालन आवश्यकताओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा, 'करीब 63 प्रतिशत बड़े आकार के ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में विस्तार और समेकन की योजना बना रहे हैं। इससे स्थापित और उभरते दोनों माइक्रो-मार्केट में ऑफिस की माँग बढ़ने की संभावना है।'
ऑफिस बाज़ार का प्रदर्शन
भारतीय ऑफिस बाज़ार ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में सकल लीज़िंग 2.46 करोड़ वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची, जो पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है।
इस प्रकार, 2026 की पहली छमाही में कुल ऑफिस अवशोषण 4.55 करोड़ वर्ग फुट रहा — किसी भी छमाही के लिए अब तक का सर्वोच्च स्तर, और 2025 की पहली छमाही से करीब 10 प्रतिशत अधिक।
GCC और फ्लेक्स ऑपरेटरों की भूमिका
इस वृद्धि में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सबसे बड़े योगदानकर्ता बने रहे। उन्होंने इस तिमाही में कुल ऑफिस लीज़िंग का 42 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और रिकॉर्ड 1.03 करोड़ वर्ग फुट की माँग दर्ज की। फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई बाज़ारों में ऑफिस रियल एस्टेट की माँग सुस्त पड़ी है — भारत इस मामले में अपवाद बनकर उभरा है।
आने वाले समय में, यदि GCC विस्तार और घरेलू कंपनियों का भरोसा इसी गति से बना रहा, तो भारतीय ऑफिस बाज़ार वैश्विक कॉरपोरेट रियल एस्टेट मानचित्र पर और मज़बूत स्थान बना सकता है।