7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 में फ्लेक्स स्पेस की रिकॉर्ड मांग, 3.6 मिलियन वर्ग फीट में 45% हिस्सेदारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 में फ्लेक्स स्पेस की रिकॉर्ड मांग, 3.6 मिलियन वर्ग फीट में 45% हिस्सेदारी

सारांश

दिल्ली-एनसीआर ने Q2 2026 में 3.6 मिलियन वर्ग फीट की रिकॉर्ड फ्लेक्स स्पेस मांग दर्ज की, जिसमें फ्लेक्स ऑपरेटर्स की 45% हिस्सेदारी रही। राष्ट्रीय स्तर पर भारत का ऑफिस एब्जॉर्प्शन 24.6 मिलियन वर्ग फीट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा, और GCC की हिस्सेदारी भी 42% के रिकॉर्ड पर रही।

मुख्य बातें

दिल्ली-एनसीआर ने Q2 2026 में 3.6 मिलियन वर्ग फीट की रिकॉर्ड फ्लेक्स स्पेस मांग दर्ज की।
कुल मांग में फ्लेक्स ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही; मांग के प्रमुख चालक रिसर्च/एनालिटिक्स ( 17% ) और टेक्नोलॉजी ( 12% ) रहे।
भारत के ऑफिस मार्केट ने Q2 2026 में 24.6 मिलियन वर्ग फीट का अब तक का सर्वाधिक तिमाही एब्जॉर्प्शन दर्ज किया — तिमाही-दर-तिमाही 18% और साल-दर-साल 14% की वृद्धि।
GCC की राष्ट्रीय ऑफिस एब्जॉर्प्शन में हिस्सेदारी 42 प्रतिशत — किसी भी तिमाही में अब तक की सर्वाधिक।
दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और पुणे मिलकर देश के Q2 2026 एब्जॉर्प्शन में 58 प्रतिशत योगदान।
नई आपूर्ति 21.0 मिलियन वर्ग फीट — पिछली तिमाही से 91 प्रतिशत अधिक।

दिल्ली-एनसीआर ने अप्रैल-जून 2026 (दूसरी तिमाही) में फ्लेक्स स्पेस की अब तक की सर्वाधिक तिमाही मांग दर्ज की है। सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की 7 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 3.6 मिलियन वर्ग फीट की मांग में से फ्लेक्स ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही — जो इस बाज़ार में लचीले कार्यालय स्थानों की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।

मांग के मुख्य चालक

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मांग को गति देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में रिसर्च, कंसल्टिंग और एनालिटिक्स (17 प्रतिशत) और टेक्नोलॉजी (12 प्रतिशत) सबसे आगे रहे। इस दौरान क्षेत्र में नई आपूर्ति लगभग 2 मिलियन वर्ग फीट दर्ज की गई।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और पुणे के साथ देश के शीर्ष तीन योगदानकर्ता शहरों में शामिल रहा। इन तीनों शहरों की मिलाकर Q2 2026 के कुल राष्ट्रीय एब्जॉर्प्शन में 58 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

भारत का ऑफिस बाज़ार — रिकॉर्ड तिमाही

व्यापक राष्ट्रीय परिदृश्य में, भारत के ऑफिस मार्केट ने Q2 2026 में लगभग 24.6 मिलियन वर्ग फीट का अब तक का सर्वाधिक तिमाही एब्जॉर्प्शन दर्ज किया। यह पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत और साल-दर-साल 14 प्रतिशत अधिक है।

आपूर्ति के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड बना — लगभग 21.0 मिलियन वर्ग फीट की नई सप्लाई आई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 91 प्रतिशत अधिक है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि डेवलपर्स और निवेशक भारतीय कार्यालय बाज़ार को लेकर आश्वस्त हैं।

फ्लेक्स, टेक और BFSI का दबदबा

राष्ट्रीय स्तर पर फ्लेक्सिबल स्पेस ऑपरेटर्स भारत के ऑफिस सेक्टर के सबसे बड़े ऑक्यूपायर बनकर उभरे, जिनकी हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। फ्लेक्स, टेक्नोलॉजी और BFSI कंपनियों ने मिलकर Q2 2026 में देश की कुल लीजिंग का लगभग 63 प्रतिशत और 2026 की पहली छमाही में 58 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।

GCC की बढ़ती भूमिका

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) भी इस तिमाही में सक्रिय रहे। Q2 2026 में भारत के कुल ऑफिस एब्जॉर्प्शन में GCC की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही — जो किसी भी तिमाही में अब तक की सर्वाधिक है। दिल्ली-एनसीआर का देशभर के GCC लीजिंग में 8 प्रतिशत योगदान रहा।

विशेषज्ञ की राय

सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा, 'भारत का ऑफिस मार्केट अपनी मजबूती और लचीलेपन का प्रदर्शन जारी रखे हुए है। दुनिया भर में भू-राजनीतिक और आर्थिक हालात अस्थिर होने के बावजूद, यह लगातार रिकॉर्ड तिमाही नतीजे दे रहा है।'

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक रियल एस्टेट बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है, और भारत का यह प्रदर्शन उसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख कार्यालय गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। आने वाली तिमाहियों में GCC विस्तार और फ्लेक्स स्पेस की माँग इस गति को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बड़ी टेक और BFSI कंपनियाँ भी लचीलेपन को प्राथमिकता दे रही हैं। GCC की 42% हिस्सेदारी एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव है — बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत को केवल बैक-ऑफिस नहीं, बल्कि रणनीतिक क्षमता केंद्र के रूप में देख रही हैं। हालाँकि, 91% उछाल के साथ आई नई आपूर्ति यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या यह माँग टिकाऊ है या वैश्विक अनिश्चितता के बीच अतिरिक्त स्टॉक का जोखिम बढ़ रहा है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 में फ्लेक्स स्पेस की रिकॉर्ड मांग कितनी रही?
सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 (अप्रैल-जून) में कुल 3.6 मिलियन वर्ग फीट की मांग दर्ज हुई, जिसमें फ्लेक्स ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही। यह इस क्षेत्र के लिए किसी एकल तिमाही में अब तक की सर्वाधिक फ्लेक्स स्पेस मांग है।
भारत के ऑफिस मार्केट ने Q2 2026 में कौन-से रिकॉर्ड बनाए?
भारत के ऑफिस मार्केट ने Q2 2026 में 24.6 मिलियन वर्ग फीट का अब तक का सर्वाधिक तिमाही एब्जॉर्प्शन दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से 18% और साल-दर-साल 14% अधिक है। इसके साथ ही 21.0 मिलियन वर्ग फीट की रिकॉर्ड नई आपूर्ति भी आई, जो पिछली तिमाही से 91% ज़्यादा थी।
GCC यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की भारतीय ऑफिस मार्केट में कितनी हिस्सेदारी रही?
Q2 2026 में भारत के कुल ऑफिस एब्जॉर्प्शन में GCC की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जो किसी भी तिमाही में अब तक की सर्वाधिक है। दिल्ली-एनसीआर का देशभर के GCC लीजिंग में 8 प्रतिशत योगदान रहा।
दिल्ली-एनसीआर में फ्लेक्स स्पेस की मांग किन सेक्टरों ने बढ़ाई?
सीबीआरई रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मांग के प्रमुख चालक रिसर्च, कंसल्टिंग और एनालिटिक्स (17 प्रतिशत) और टेक्नोलॉजी (12 प्रतिशत) रहे। राष्ट्रीय स्तर पर फ्लेक्स, टेक्नोलॉजी और BFSI कंपनियों ने मिलकर Q2 2026 की कुल लीजिंग का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।
भारत के ऑफिस मार्केट में शीर्ष योगदानकर्ता शहर कौन-से रहे?
दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और पुणे Q2 2026 में शीर्ष तीन योगदानकर्ता शहर रहे। इन तीनों का मिलाकर देश के कुल Q2 2026 एब्जॉर्प्शन में 58 प्रतिशत हिस्सा रहा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले