दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 में फ्लेक्स स्पेस की रिकॉर्ड मांग, 3.6 मिलियन वर्ग फीट में 45% हिस्सेदारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर ने अप्रैल-जून 2026 (दूसरी तिमाही) में फ्लेक्स स्पेस की अब तक की सर्वाधिक तिमाही मांग दर्ज की है। सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की 7 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 3.6 मिलियन वर्ग फीट की मांग में से फ्लेक्स ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही — जो इस बाज़ार में लचीले कार्यालय स्थानों की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।
मांग के मुख्य चालक
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मांग को गति देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में रिसर्च, कंसल्टिंग और एनालिटिक्स (17 प्रतिशत) और टेक्नोलॉजी (12 प्रतिशत) सबसे आगे रहे। इस दौरान क्षेत्र में नई आपूर्ति लगभग 2 मिलियन वर्ग फीट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और पुणे के साथ देश के शीर्ष तीन योगदानकर्ता शहरों में शामिल रहा। इन तीनों शहरों की मिलाकर Q2 2026 के कुल राष्ट्रीय एब्जॉर्प्शन में 58 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
भारत का ऑफिस बाज़ार — रिकॉर्ड तिमाही
व्यापक राष्ट्रीय परिदृश्य में, भारत के ऑफिस मार्केट ने Q2 2026 में लगभग 24.6 मिलियन वर्ग फीट का अब तक का सर्वाधिक तिमाही एब्जॉर्प्शन दर्ज किया। यह पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत और साल-दर-साल 14 प्रतिशत अधिक है।
आपूर्ति के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड बना — लगभग 21.0 मिलियन वर्ग फीट की नई सप्लाई आई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 91 प्रतिशत अधिक है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि डेवलपर्स और निवेशक भारतीय कार्यालय बाज़ार को लेकर आश्वस्त हैं।
फ्लेक्स, टेक और BFSI का दबदबा
राष्ट्रीय स्तर पर फ्लेक्सिबल स्पेस ऑपरेटर्स भारत के ऑफिस सेक्टर के सबसे बड़े ऑक्यूपायर बनकर उभरे, जिनकी हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। फ्लेक्स, टेक्नोलॉजी और BFSI कंपनियों ने मिलकर Q2 2026 में देश की कुल लीजिंग का लगभग 63 प्रतिशत और 2026 की पहली छमाही में 58 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।
GCC की बढ़ती भूमिका
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) भी इस तिमाही में सक्रिय रहे। Q2 2026 में भारत के कुल ऑफिस एब्जॉर्प्शन में GCC की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही — जो किसी भी तिमाही में अब तक की सर्वाधिक है। दिल्ली-एनसीआर का देशभर के GCC लीजिंग में 8 प्रतिशत योगदान रहा।
विशेषज्ञ की राय
सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा, 'भारत का ऑफिस मार्केट अपनी मजबूती और लचीलेपन का प्रदर्शन जारी रखे हुए है। दुनिया भर में भू-राजनीतिक और आर्थिक हालात अस्थिर होने के बावजूद, यह लगातार रिकॉर्ड तिमाही नतीजे दे रहा है।'
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक रियल एस्टेट बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है, और भारत का यह प्रदर्शन उसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख कार्यालय गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। आने वाली तिमाहियों में GCC विस्तार और फ्लेक्स स्पेस की माँग इस गति को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।