विश्व चॉकलेट डे: हर्षवर्धन राणे ने दादी की पुरानी तस्वीर शेयर कर बताया सफलता का राज़
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता हर्षवर्धन राणे ने 7 जुलाई को विश्व चॉकलेट डे के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक भावुक थ्रोबैक तस्वीर साझा की, जिसमें उनकी दादी उन्हें चॉकलेट देती नज़र आ रही हैं। इस पोस्ट के ज़रिए उन्होंने अपनी जीवन-दृष्टि और मनोविज्ञान में गहरी रुचि को एक अनोखे अंदाज़ में सामने रखा।
दादी की चॉकलेट और मनोविज्ञान का पाठ
तस्वीर के साथ हर्षवर्धन ने मज़ाकिया लेकिन विचारपूर्ण लहजे में लिखा, 'हैप्पी वर्ल्ड चॉकलेट डे। इससे पहले कि मुझे पता चलता कि 'ऑपरेन्ट कंडीशनिंग' का क्या मतलब है (साइकोलॉजी में), मैं पहले से ही इसे जी रहा था।' पोस्ट में परिवार का एक अन्य बुज़ुर्ग सदस्य भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मनोविज्ञान के सिद्धांत 'ऑपरेन्ट कंडीशनिंग' के अनुसार किसी अच्छे काम के बदले मिला इनाम उस व्यवहार को और मज़बूत करता है। उनके अनुसार, दादी से मिली चॉकलेट ने बचपन से ही उनके भीतर लक्ष्य हासिल करने की प्रवृत्ति को पोषित किया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी बिना जाने ही एक व्यवहार विशेषज्ञ (बिहेवियरल साइकोलॉजिस्ट) की तरह काम कर रही थीं।
पढ़ाई और फिटनेस — दोहरी ज़िम्मेदारी
हर्षवर्धन राणे इन दिनों फ़िल्मी करियर के साथ-साथ मनोविज्ञान में बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई भी कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो में बताया था कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वे हर दिन तीन घंटे ट्रेनिंग और छह घंटे पढ़ाई करते हैं। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, '3 घंटे ट्रेनिंग... 6 घंटे पढ़ाई... अगली परीक्षा 22 तारीख को और अगली शूटिंग 30 तारीख को।'
पेशेवर मोर्चे पर क्या चल रहा है
फ़िल्मी करियर की बात करें तो हर्षवर्धन राणे ने 'सनम तेरी कसम' से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई और 'एक दीवाने की दीवानियत' में भी अपने अभिनय से प्रभाव छोड़ा। फ़िलहाल वे अभिनेता जॉन अब्राहम के साथ बहुप्रतीक्षित फ़िल्म 'फ़ोर्स 3' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
परदे के बाहर की दुनिया
अभिनय और पढ़ाई के अलावा हर्षवर्धन को वन्यजीव फ़ोटोग्राफ़ी का भी गहरा शौक है। वे अक्सर प्रकृति और जानवरों के बीच बिताए अपने पलों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। यह पोस्ट दर्शाती है कि वे अपनी सार्वजनिक छवि को महज़ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखते — बल्कि जिज्ञासा, अनुशासन और पारिवारिक जड़ों को भी उतनी ही अहमियत देते हैं।