अविनाश तिवारी ने छुट्टियों में लिखा चींटियों और 'अदृश्य सच्चाइयों' पर गहरा नोट
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अविनाश तिवारी इन दिनों छुट्टी पर हैं और इस एकांत में उन्होंने यात्रा, मानवीय जुड़ाव और समय की बदलती धारणा पर एक विचारशील नोट साझा किया है। 'बुलबुल', 'लैला मजनू' और 'मडगांव एक्सप्रेस' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले इस अभिनेता ने अपनी बालकनी में एक साधारण पल से जीवन की गहरी सच्चाइयाँ खोज निकालीं।
बचपन का वह 'चींटी-वाला' अवलोकन
अविनाश ने अपनी छुट्टी की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए लिखा कि बचपन में उन्हें लगता था कि चींटियाँ खाने से पैदा होती हैं। उनके शब्दों में, 'जैसे ही काउंटर पर कुछ खाने का सामान छूट जाता, वे तुरंत आ जाती थीं। जब खाना हट जाता, तो वे गायब हो जाती थीं।' बच्चों वाले आत्मविश्वास के साथ उन्होंने यह नतीजा निकाला था कि खाना ही चींटियों को बनाता है।
लेकिन बड़े होने पर उन्हें एहसास हुआ कि सच्चाई उलटी थी — 'चींटियाँ तो हमेशा से वहीं थीं। दीवार के अंदर, कैबिनेट के पीछे। खाने ने उन्हें बनाया नहीं था, बस दिखाई देने लायक बनाया था।' पिछले सप्ताह बालकनी में आम का एक सूखा टुकड़ा छोड़ने पर वही दृश्य दोहराया गया — और इस बार वे बच्चे नहीं थे, पर अवलोकन वही था।
अकेले सफर में जागती है नज़र
अविनाश ने लिखा कि लंबे एकाकी सफर में इंसान उन चीज़ों पर ध्यान देने लगता है जो भीड़-भाड़ में अनदेखी रह जाती हैं। उन्होंने पानी की सतह पर रोशनी के बदलते रंगों का वर्णन किया — 'सुबह सपाट और भूरी, दोपहर में बिखरी हुई, देर शाम सोने-सी चमकती, और फिर एक ऐसे रंग में ढलती जिसके लिए उनके पास कोई शब्द नहीं।'
उन्होंने इसकी तुलना एक डब की हुई फिल्म से की, जिसमें आवाज़ चेहरे से थोड़ी पीछे रहती है — और दिमाग उस देरी को पहचानने से पहले ही पकड़ लेता है।
समय की नई परिभाषा
अभिनेता ने 'समय' को नए नज़रिए से परिभाषित किया। उनके अनुसार, 'अब समय का मतलब घड़ी वाला समय नहीं, बल्कि वह क्षण है जिसमें एक पल अगले पल के आने से पहले अपनी पूरी शक्ल-सूरत बनाए रखता है।' एक सांस और दूसरी सांस के बीच का वह ठहराव — यही उनके लिए अब 'समय' है।
उन्होंने मानवीय दूरी पर भी लिखा — दो अजनबियों के बीच की वह जगह जिस पर बातचीत टिकी रहती है, और कभी करीब रहे दो लोगों के बीच की वह अदृश्य उपस्थिति जो कमरे में न होने पर भी महसूस होती है।
आगामी फिल्म 'गिन्नी वेड्स सन्नी 2'
अविनाश तिवारी की हालिया रिलीज़ फिल्म 'गिन्नी वेड्स सन्नी 2' है, जिसे प्रशांत ने निर्देशित किया है और जिसमें उनके साथ अभिनेत्री मेधा शंकर हैं। यह फिल्म 'गिन्नी वेड्स सन्नी' का सीक्वल है। कहानी एक अकेले पहलवान के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो एक युवा लड़की के आने पर अपनी जिंदगी और सोच को नए सिरे से देखने लगता है — और इसी सफर में उसकी मुलाकात गिन्नी से होती है।