'इंस्पेक्टर अविनाश 2' की तैयारी में रणदीप हुड्डा ने असली इंस्पेक्टर से सीखा, कहा स्क्रिप्ट अकेली काफी नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 13 मई 2026। जब किसी अभिनेता को वास्तविक जीवन के किरदार को पर्दे पर जीवंत करना होता है, तो केवल स्क्रिप्ट पढ़ना पर्याप्त नहीं होता। अभिनेता रणदीप हुड्डा इस बात को अच्छी तरह समझते हैं। वे जियो हॉटस्टार पर 15 मई 2026 को प्रसारित होने वाली सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में पुलिस इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा का किरदार निभा रहे हैं।
स्क्रिप्ट पढ़ने से शुरुआती संदेह
रणदीप ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार सीरीज की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्हें इस भूमिका की दिशा समझ नहीं आई। किरदार की भावनात्मक परतें शुरुआत में उन्हें चुनौतीपूर्ण लगीं। ''पता ही नहीं चल पा रहा था कि इस भूमिका को किस दिशा में लेकर जाया जाए,'' उन्होंने कहा।
असली इंस्पेक्टर से मिलना — गेम चेंजर
रणदीप के विचार तब पूरी तरह बदल गए, जब उनकी मुलाकात असली इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा से हुई। इस व्यक्तिगत मुलाकात ने उनके किरदार की पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी। ''मुझे समझ आ गया कि इस रोल को कैसे पर्दे पर उतारना है,'' रणदीप ने बताया। उन्होंने असली इंस्पेक्टर के बोलने का तरीका, लोगों से बातचीत करने का अंदाज, उनकी सोच और चुनौतियों से निपटने के तरीके को ध्यान से देखा। ''एक पुलिस अधिकारी की जिंदगी में कितना दबाव और संघर्ष होता है, यह समझने में इस अनुभव ने मदद की,'' उन्होंने कहा।
शूटिंग के दौरान निरंतर संवाद
इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा शूटिंग प्रक्रिया के दौरान भी इस प्रोजेक्ट से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वे लखनऊ और मुंबई के सेट पर कई बार आए और शूटिंग को करीब से देखा। ''इस दौरान हमारे बीच लगातार बातचीत होती रहती थी, जिससे मुझे किरदार को और गहराई से समझने में मदद मिली,'' रणदीप ने कहा। उन्होंने अक्सर असली इंस्पेक्टर के साथ समय बिताया और उनके व्यवहार को वास्तविक रूप में समझने की कोशिश की।
परिवार की प्रशंसा
रणदीप को इस बात का गर्व है कि असली इंस्पेक्टर के परिवार और दोस्तों ने कहा कि उनका अभिनय इतना सटीक लगा कि कई बार यह पहचानना मुश्किल हो गया कि असली इंस्पेक्टर कौन है। ''यह मेरे लिए एक बड़ा सम्मान है,'' उन्होंने कहा।
रियल-लाइफ किरदार के लिए स्क्रिप्ट से परे जाना जरूरी
रणदीप का मानना है कि किसी भी रियल-लाइफ कैरेक्टर को निभाने के लिए केवल स्क्रिप्ट काफी नहीं होती। ''उस इंसान की असल जिंदगी को समझना भी उतना ही जरूरी होता है। अगर मुझे असली इंस्पेक्टर के अनुभव, उनकी कहानियां और उनका मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो इस किरदार में इतनी गहराई लाना मेरे लिए मुश्किल हो जाता,'' उन्होंने कहा। इस दृष्टिकोण ने उनके अभिनय को अधिक सत्यवादी और प्रभावशाली बना दिया है।