बिहार में प्राइवेट वाहनों पर नहीं लगेगा टोल टैक्स — सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 जुलाई को अररिया जिले के फारबिसगंज में आयोजित सहयोग शिविर में स्पष्ट किया कि बिहार सरकार निजी वाहनों पर किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगाएगी। उन्होंने कहा कि केवल व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही टोल वसूली की जाएगी, जबकि परिवार के साथ यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों को पूरी तरह राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'टोल टैक्स तो कमर्शियल गाड़ियों पर लगना ही चाहिए, लेकिन जो परिवार के लोग घूमते हैं, उन्हें हमारी सरकार जरूर राहत देगी। बिहार सरकार ने अपनी तरफ से तय किया है कि जो प्राइवेट गाड़ियां होंगी, उन पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगेगा। केवल कमर्शियल गाड़ियों से ही टैक्स लिया जाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग टोल टैक्स को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है।
केंद्र के मानकों के अनुरूप होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोल टैक्स संबंधी व्यवस्था भारत सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। राज्य सरकार ने आम जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए निजी वाहनों को राहत देने का निर्णय लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में टोल नीति को लेकर बहस तेज है और कई राज्यों में आम वाहन चालकों पर टोल के बोझ का मुद्दा उठ रहा है।
सहयोग शिविरों का विस्तार
सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविरों की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब प्रखंड स्तर पर पहले और तीसरे मंगलवार को लगने वाले शिविरों के साथ-साथ पटना में भी प्रत्येक दूसरे मंगलवार को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में उन मामलों की समीक्षा होगी जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो पाया या जिनमें गलत आदेश पारित हुए।
अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी मामले में बीडीओ स्तर पर जारी आदेश पर आपत्ति हो तो उसकी समीक्षा एसडीओ स्तर पर कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी प्रशासन, त्वरित न्याय और जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और न्याय से वंचित न रहे।
आम जनता पर असर
इस घोषणा से बिहार के लाखों निजी वाहन चालकों को सीधी राहत मिलेगी, जो राज्य की सड़कों पर रोज़ाना यात्रा करते हैं। गौरतलब है कि राज्य में सड़क अवसंरचना के विस्तार के साथ टोल वसूली का दायरा बढ़ने की आशंका आम नागरिकों में थी। अब सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद वह अटकलें दूर होने की उम्मीद है।