7 जुलाई 2026
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सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर एनडीए एकजुट: 'अपराधियों की जाति नहीं होती, सूची में कोई विशेष जाति नहीं'

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सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर एनडीए एकजुट: 'अपराधियों की जाति नहीं होती, सूची में कोई विशेष जाति नहीं'

सारांश

बिहार में पुलिस एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के बाद एनडीए पूरी तरह एकजुट है। मंत्री रामकृपाल यादव से लेकर BJP अध्यक्ष संजय सरावगी तक सभी ने एक सुर में कहा — अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, और विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए शब्दों को तोड़-मरोड़ रहा है।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुलिस एनकाउंटर संबंधी बयान पर एनडीए के सभी प्रमुख नेता एकजुट हुए।
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा — 'कानून को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।' जदयू प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई की सूची में किसी जाति विशेष का नाम नहीं है।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — ' जहानाबाद में आज भी मुठभेड़ हुई; गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।' नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप — वे अपराधियों की हिमायत के लिए पुलिस पर बार-बार सवाल उठा रहे हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस एनकाउंटर को लेकर दिए गए बयान के समर्थन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता एकजुट हो गए हैं। 22 मई को पटना में एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और पुलिस कार्रवाई की सूची किसी एक जाति तक सीमित नहीं है। विपक्ष पर आरोप लगाया गया कि वह मुख्यमंत्री के शब्दों को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

मंत्री रामकृपाल यादव का बयान

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री ने सही कहा है। कानून का राज स्थापित करने का संकल्प है। अगर कोई कानून को चुनौती देगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।' उनके अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजीव रंजन प्रसाद और जदयू का पक्ष

एनडीए नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिल्कुल स्पष्ट कहा है कि बिहार में पुलिस अपराधियों की जाति पूछकर गोली नहीं चलाती है। विपक्ष सिर्फ उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।' उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बार-बार पुलिस पर सवाल क्यों खड़े कर रहे हैं।

जनता दल (यूनाइटेड) — जदयू के प्रवक्ता ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि पुलिस की कार्रवाई की सूची से स्पष्ट है कि उसमें किसी जाति विशेष का नाम नहीं है, जैसा कि तेजस्वी यादव द्वारा आरोप लगाया जाता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी — 'अपराधियों को अपराध छोड़ना होगा, अन्यथा बिहार छोड़कर जाना होगा।'

भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की कड़ी चेतावनी

बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री के बयान का पुरज़ोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'आज भी जहानाबाद में एक मुठभेड़ हुई है। अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।' सरावगी ने कहा कि पुलिस को सख्ती से जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी हाल में बिहार में अपराध की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विपक्ष पर निशाना

एनडीए नेताओं ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला। नेताओं का कहना है कि विपक्ष अपराधियों की हिमायत के लिए परेशान है और पुलिस की वैध कार्रवाई को जाति के चश्मे से देखकर भ्रम फैला रहा है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में 2025 के बाद से पुलिस एनकाउंटर की घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

आगे क्या

एनडीए नेताओं के एकजुट रुख से स्पष्ट है कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण की नीति पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। राज्य में पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहने के संकेत हैं, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में केंद्रीय बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि क्या कार्रवाई की पारदर्शी निगरानी व्यवस्था मौजूद है। विपक्ष का 'शब्दों को तोड़ना' वाला आरोप और सत्तापक्ष का 'अपराधियों की हिमायत' वाला पलटवार — दोनों असली जवाबदेही से ध्यान हटाते हैं। असली प्रश्न यह है कि एनकाउंटर में जाति-वार डेटा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता, ताकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र जाँच हो सके।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी का एनकाउंटर वाला बयान क्या था?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिहार में पुलिस अपराधियों की जाति पूछकर गोली नहीं चलाती। एनडीए नेताओं ने इस बयान को कानून-व्यवस्था की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए समर्थन दिया।
एनडीए नेताओं ने तेजस्वी यादव पर क्या आरोप लगाए?
एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के शब्दों को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और अपराधियों की हिमायत के लिए पुलिस पर बार-बार सवाल उठा रहे हैं।
जदयू ने जाति के आरोपों पर क्या कहा?
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस कार्रवाई की सूची से स्पष्ट है कि उसमें किसी जाति विशेष का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और कार्रवाई जारी रहेगी।
22 मई को जहानाबाद में क्या हुआ?
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि 22 मई को जहानाबाद में एक मुठभेड़ हुई। उन्होंने इसे अपराधियों के लिए कड़े संदेश के रूप में पेश किया कि 'गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।'
बिहार में पुलिस एनकाउंटर पर विवाद क्यों है?
विपक्ष का आरोप है कि पुलिस एनकाउंटर में जाति-आधारित पक्षपात हो रहा है, जबकि एनडीए इसे सिरे से खारिज करता है। यह बहस बिहार की राजनीति में जाति और कानून-व्यवस्था के संवेदनशील संगम को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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