सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर एनडीए एकजुट: 'अपराधियों की जाति नहीं होती, सूची में कोई विशेष जाति नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस एनकाउंटर को लेकर दिए गए बयान के समर्थन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता एकजुट हो गए हैं। 22 मई को पटना में एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और पुलिस कार्रवाई की सूची किसी एक जाति तक सीमित नहीं है। विपक्ष पर आरोप लगाया गया कि वह मुख्यमंत्री के शब्दों को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
मंत्री रामकृपाल यादव का बयान
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री ने सही कहा है। कानून का राज स्थापित करने का संकल्प है। अगर कोई कानून को चुनौती देगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।' उनके अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजीव रंजन प्रसाद और जदयू का पक्ष
एनडीए नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिल्कुल स्पष्ट कहा है कि बिहार में पुलिस अपराधियों की जाति पूछकर गोली नहीं चलाती है। विपक्ष सिर्फ उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।' उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बार-बार पुलिस पर सवाल क्यों खड़े कर रहे हैं।
जनता दल (यूनाइटेड) — जदयू के प्रवक्ता ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि पुलिस की कार्रवाई की सूची से स्पष्ट है कि उसमें किसी जाति विशेष का नाम नहीं है, जैसा कि तेजस्वी यादव द्वारा आरोप लगाया जाता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी — 'अपराधियों को अपराध छोड़ना होगा, अन्यथा बिहार छोड़कर जाना होगा।'
भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की कड़ी चेतावनी
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री के बयान का पुरज़ोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'आज भी जहानाबाद में एक मुठभेड़ हुई है। अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।' सरावगी ने कहा कि पुलिस को सख्ती से जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी हाल में बिहार में अपराध की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष पर निशाना
एनडीए नेताओं ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला। नेताओं का कहना है कि विपक्ष अपराधियों की हिमायत के लिए परेशान है और पुलिस की वैध कार्रवाई को जाति के चश्मे से देखकर भ्रम फैला रहा है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में 2025 के बाद से पुलिस एनकाउंटर की घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
आगे क्या
एनडीए नेताओं के एकजुट रुख से स्पष्ट है कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण की नीति पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। राज्य में पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहने के संकेत हैं, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में केंद्रीय बना रह सकता है।