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सीएम सम्राट चौधरी: जाति-धर्म की राजनीति से विकास नहीं, अपराधियों को 48 घंटे में जवाब

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सीएम सम्राट चौधरी: जाति-धर्म की राजनीति से विकास नहीं, अपराधियों को 48 घंटे में जवाब

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सावरकर जयंती समारोह में दो टूक कहा — जाति-धर्म की राजनीति और विकास साथ नहीं चल सकते। साथ ही ₹50 करोड़ तक के ठेके बिहारियों को देने और सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर रोक जैसे बड़े फैसलों का ऐलान किया।

मुख्य बातें

सीएम सम्राट चौधरी ने 28 मई 2026 को पटना में कहा कि जाति-धर्म से चिपकी सत्ता देश का विकास नहीं कर सकती।
अपराधियों को 48 घंटे के भीतर जवाब देने की नीति जारी; भ्रष्टाचारियों के लिए बेऊर जेल का दरवाज़ा खुला।
₹50 करोड़ तक के सरकारी ठेके अब केवल बिहार के स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे।
सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय।
सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल और वीर सावरकर पर शोध रूपरेखा तैयार करने की घोषणा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 मई 2026 को पटना में आयोजित एक पुस्तक लोकार्पण समारोह में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ता के केंद्र में बैठा व्यक्ति यदि जाति और धर्म से चिपका रहेगा, तो देश का विकास कभी संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी और अपराधियों को 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जा रहा है।

समारोह और अवसर

बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के उपलक्ष्य में पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने 'वीर सावरकर की जीवनी' पुस्तक का विमोचन किया और सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपराध और जाति पर मुख्यमंत्री का रुख

चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अपराधियों में भी जाति और धर्म ढूँढते हैं, जबकि उनका मानना है कि अपराधियों का कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने चेतावनी दी कि शॉर्टकट से आगे बढ़ने की कोशिश करने वालों को बेऊर जेल ही जाना पड़ेगा और भ्रष्टाचारियों के लिए जेल का दरवाज़ा हमेशा खुला है।

बिहार के विकास के लिए नई घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कोई भी सरकारी कर्मचारी विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा। इसके अलावा, ₹50 करोड़ तक के सरकारी ठेके केवल बिहार के स्थानीय लोगों को ही दिए जाएंगे, ताकि राज्य का धन राज्य में ही रहे। उन्होंने यह भी कहा कि रोज़गार की तलाश में बाहर गए बिहार के युवाओं को वापस लाने और उन्हें राज्य में ही नौकरी देने के प्रयास जारी हैं।

शिक्षा और राष्ट्रवाद

चौधरी ने घोषणा की कि बिहार में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जो बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के विकल्प के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर पर शोध कर एक रूपरेखा तैयार की जाएगी, ताकि बिहार के नौजवान उनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के लिए 'नेशन फर्स्ट' सर्वोपरि है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री के इन बयानों और घोषणाओं से स्पष्ट है कि बिहार सरकार स्थानीय रोज़गार, भ्रष्टाचार विरोध और राष्ट्रवादी शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बना रही है। स्थानीय ठेका नीति और मॉडल स्कूल योजना के क्रियान्वयन पर अब सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उसी मंच से आया जहाँ एक विशेष विचारधारा के प्रतीक की जयंती मनाई जा रही थी — यह विरोधाभास ध्यान देने योग्य है। ₹50 करोड़ की स्थानीय ठेका नीति आर्थिक राष्ट्रवाद का व्यावहारिक कदम है, पर इसके क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। बिहार से युवाओं का पलायन एक दशक पुरानी समस्या है — घोषणाएँ पहले भी हुई हैं, असली परीक्षा रोज़गार के ठोस आँकड़ों में होगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम सम्राट चौधरी ने जाति-धर्म पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता के केंद्र में बैठा व्यक्ति यदि जाति और धर्म से चिपका रहेगा तो देश का विकास असंभव है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों का कोई जाति या धर्म नहीं होता।
बिहार में ₹50 करोड़ तक के ठेके की नई नीति क्या है?
बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि ₹50 करोड़ तक के सभी सरकारी ठेके केवल बिहार के स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य का पैसा राज्य में ही रखना और स्थानीय रोज़गार को बढ़ावा देना है।
सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
मुख्यमंत्री चौधरी ने घोषणा की कि अब कोई भी सरकारी कर्मचारी विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा। यह निर्णय सरकारी खर्च में कटौती और संसाधनों को बिहार के विकास पर केंद्रित करने की नीति का हिस्सा बताया गया।
वीर सावरकर जयंती पर पटना में क्या कार्यक्रम हुआ?
बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर 'वीर सावरकर की जीवनी' पुस्तक का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और बिहार में उन पर शोध रूपरेखा तैयार करने की घोषणा की।
सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल योजना क्या है?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जो बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के गुणवत्तापूर्ण विकल्प के रूप में काम करेंगे। इनका उद्देश्य बिहार के बच्चों को राष्ट्रीय मूल्यों और ज्ञान से जोड़ना है।
राष्ट्र प्रेस
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