बिहार में अपराध पर कार्रवाई तय, राजनीति नहीं — भाजपा सांसद संजय जायसवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संजय जायसवाल ने 22 मई को बिहार में पुलिस एनकाउंटर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की टिप्पणी का पूरजोर समर्थन किया और स्पष्ट किया कि राज्य में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि इस विषय को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
बिहार एनकाउंटर पर जायसवाल का रुख
जायसवाल ने कहा, 'अपराधी चाहे किसी भी जाति का हो, उसका एनकाउंटर होगा। सरकार ने यह संदेश साफ तौर पर दे दिया है कि अगर आप अपराध करेंगे, तो आपके साथ अपराधी जैसा ही बर्ताव किया जाएगा।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई अपराधी अपराध करके भाग जाता है या पुलिस पर गोली चलाता है, तो क्या पुलिस उसे यूं ही जाने देगी? बिहार सरकार ने यह पक्का इरादा कर लिया है कि कोई भी अपराधी, चाहे वह किसी भी जाति का हो, अगर अपराध करेगा तो उसे सजा भुगतनी ही पड़ेगी।'
बकरीद दिशानिर्देश पर प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार द्वारा बकरीद को लेकर जारी सख्त दिशानिर्देशों पर संजय जायसवाल ने कहा, 'यह बिल्कुल सही फैसला है। सभी को सभी समुदायों और सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। अपना त्योहार अच्छे से मनाएं। समाज को भाईचारा बनाए रखना चाहिए तथा त्योहारों को शांतिपूर्ण और उचित तरीके से मनाना चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर मुसलमान का यह कर्तव्य है कि वह दूसरों की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करे, विशेष रूप से गायों के प्रति।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बकरीद के अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और जेल भी हो सकती है।
कर्नाटक के इंजीनियरिंग सीट आवंटन पर सवाल
कर्नाटक सरकार द्वारा इंजीनियरिंग और अन्य पाठ्यक्रमों की सीटों का आवंटन NEET से अलग करने के निर्णय पर जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इंजीनियरिंग और नीट के बीच क्या संबंध है, यह केवल सिद्दारमैया ही बता सकते हैं। इंजीनियरिंग का नीट से कोई लेना-देना ही नहीं है। इस मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सच सबके सामने आना चाहिए।'
आगे क्या
बिहार में पुलिस एनकाउंटर की नीति को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। BJP के इस स्पष्ट रुख के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नज़र बनी रहेगी।