पटना-सीवान एनकाउंटर पर सत्तापक्ष सख्त: 'अपराधी अपराध छोड़ें या बिहार छोड़ें'

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पटना-सीवान एनकाउंटर पर सत्तापक्ष सख्त: 'अपराधी अपराध छोड़ें या बिहार छोड़ें'

सारांश

पटना और सीवान में एनकाउंटर के बाद बिहार के सत्तापक्ष ने एकजुट होकर कड़ा संदेश दिया — अपराधी या तो अपराध छोड़ें या राज्य। BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने पुलिस को 'खुली छूट' की बात कही, तो जदयू प्रवक्ता ने दिव्यांग पेंशन तक की सुविधा से इनकार किया।

मुख्य बातें

पटना में शिक्षक पर हमले के मामले में एनकाउंटर के बाद दो आरोपी गिरफ्तार ; सीवान में एक कथित अपराधी घायल अवस्था में पकड़ा गया।
मंत्री संतोष सुमन ने कहा — 'जो शांति व्यवस्था भंग करेगा, उसे दंडित किया जाएगा।' बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई की खुली छूट दी गई है।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने स्पष्ट किया — पुलिस की गोली का शिकार बने अपराधियों को दिव्यांग पेंशन नहीं मिलेगी।
एलजेपी (रामविलास) सांसद अरुण भारती ने पुलिस की जवाबी कार्रवाई को कानूनी और उचित बताया।

बिहार में पटना और सीवान में हुए एनकाउंटर के बाद 18 मई को सत्तापक्ष के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अपराधियों के पास दो ही विकल्प हैं — या तो अपराध छोड़ें, या बिहार। पटना में एक शिक्षक को गोली मारने के मामले में पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि सीवान में एनकाउंटर के दौरान एक अपराधी को घायल अवस्था में पकड़ा गया।

मंत्री और नेताओं की प्रतिक्रिया

मंत्री संतोष सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'बिहार में कानून का राज है। जो भी शांति व्यवस्था को भंग करेगा और दुस्साहस करेगा, उसे दंडित किया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों का मनोबल कमज़ोर होने से ही राज्य में शांति स्थापित होगी और सरकार अपना काम कर रही है।

सुमन ने आगे कहा, 'अपराधी कानून व्यवस्था को नहीं मानते। वे पुलिसकर्मियों पर भी गोली चला देते हैं। ऐसे में जवाबी कार्रवाई निश्चित है। इस तरह की कार्रवाई ही अपराधियों के लिए सबक बनेगी।'

भाजपा और सहयोगी दलों का रुख

बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'बिहार में पुलिस को खुली छूट दी जा चुकी है। अपराधियों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। अगर कोई अपराध होता है, तो पुलिस को कार्रवाई की बिल्कुल खुली छूट है।'

एलजेपी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा, 'अपराधी अगर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग करेंगे, तो पुलिसकर्मी भी अटैक मोड में रहेंगे। पुलिस अपनी उचित कानूनी कार्रवाई कर रही है।'

जदयू का स्पष्ट संदेश

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने एक अहम बात जोड़ी — 'जो लोग पुलिस पर हमला करेंगे या पुलिस की गोली का शिकार बनेंगे, वे यह न समझें कि उन्हें दिव्यांग पेंशन मिल जाएगी। अपराधियों के लिए यह सुविधा प्राप्त नहीं होगी।'

एनकाउंटर की पृष्ठभूमि

पटना में एक शिक्षक पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले सीवान में भी पुलिस ने एनकाउंटर किया, जिसमें एक कथित अपराधी को घायल अवस्था में पकड़ा गया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।

आगे क्या होगा

सत्तापक्ष के इस एकजुट बयान से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार निकट भविष्य में पुलिस कार्रवाई पर और सख्ती बरत सकती है। विपक्ष की प्रतिक्रिया और न्यायिक निगरानी की माँग अब इस बहस का अगला पड़ाव होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इस बार सत्तापक्ष के चार अलग-अलग दलों का एक साथ सामने आना बताता है कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा राज्य में चुनावी धुरी बनता जा रहा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना और सीवान एनकाउंटर में क्या हुआ?
पटना में एक शिक्षक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीवान में अलग एनकाउंटर में एक कथित अपराधी को घायल अवस्था में पकड़ा गया।
बिहार सरकार का एनकाउंटर पर क्या रुख है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई की खुली छूट दी गई है। मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों को दंडित किया जाएगा और यह कार्रवाई कानूनी है।
जदयू प्रवक्ता ने दिव्यांग पेंशन का ज़िक्र क्यों किया?
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जो अपराधी पुलिस पर हमला करेंगे या पुलिस की गोली का शिकार बनेंगे, उन्हें दिव्यांग पेंशन की सुविधा नहीं मिलेगी। यह बयान अपराधियों को हतोत्साहित करने के इरादे से दिया गया प्रतीत होता है।
एनकाउंटर पर किन नेताओं ने प्रतिक्रिया दी?
मंत्री संतोष सुमन, बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, एलजेपी (रामविलास) सांसद अरुण भारती और जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार — सभी ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया।
क्या बिहार में एनकाउंटर पर कोई कानूनी सवाल उठे हैं?
सत्तापक्ष के नेताओं ने एनकाउंटर को 'कानूनी' और 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। हालाँकि, विपक्ष या न्यायिक निकायों की ओर से किसी औपचारिक जाँच की माँग का उल्लेख अभी तक सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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