क्या बिहार सरकार ने अब तक कितनी नौकरियां दी? : दीपक बैज

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क्या बिहार सरकार ने अब तक कितनी नौकरियां दी? : दीपक बैज

सारांश

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने बिहार और छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिहार में भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की हत्या और नीतीश कुमार के नौकरी के वादे महज झूठ हैं। जानिए इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
युवाओं के लिए रोजगार के वादे अधूरे हैं।
सरकार की नाकामी से जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।

रायपुर, 13 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बिहार और छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र और दोनों राज्यों की एनडीए सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिहार में भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की हत्या और छत्तीसगढ़ में विधायक पर हमले की घटनाओं को चिंताजनक बताया।

राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नौकरी की घोषणा को युवाओं को ठगने का प्रयास करार दिया। बैज ने बिहार में भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की गोली मारकर हत्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार और केंद्र में एनडीए की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद वहां जंगलराज का माहौल है। अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक विधायक की सुरक्षा नहीं हो सकती, तो आम जनता का क्या हाल होगा? बैज ने बिहार सरकार को पूरी तरह नाकाम बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं जनता में आक्रोश बढ़ा रही हैं।

नीतीश कुमार के अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरियों के वादे पर बैज ने कहा कि नीतीश कुमार कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन अब तक कितनी नौकरियां दीं, इसका आंकड़ा सार्वजनिक करें। उन्होंने इसे बिहार के युवाओं को ठगने की साजिश बताया और कहा कि युवा अब उनके झूठे वादों में नहीं फंसेंगे।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में आरंग विधायक खुशवंत साहेब की गाड़ी पर हुए पथराव को बैज ने गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के काफिलों को ग्रामीणों द्वारा रोकना और पथराव की घटनाएं दिखाती हैं कि जनता में भाजपा सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है।

बैज ने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कुछ नहीं किया, जिसके कारण लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आत्ममंथन की मांग की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जनता की सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे गंभीरता से लिए जाने चाहिए। दीपक बैज का दृष्टिकोण इस बात की ओर इशारा करता है कि जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए मजबूर हो रही है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार ने पिछले पांच वर्षों में कितनी नौकरियां दी हैं?
इस विषय पर स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन विपक्षी दलों का आरोप है कि वादे पूरे नहीं हुए हैं।
क्या बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति सही है?
विपक्ष के अनुसार, बिहार में कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है और अपराधी बेखौफ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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