बिहार में नए मुख्यमंत्री के फैसलों में नीतीश कुमार की भूमिका को संजय सरावगी ने बताया महत्वपूर्ण
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार की भूमिका बिहार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला अनुसूचित जातियों के अधिकारों की रक्षा करता है।
- सरावगी का कहना है कि केंद्र सरकार आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने देगी।
- तेजस्वी यादव पर सरावगी ने राजनीतिक आरोप लगाए हैं।
- बिहार में कानून व्यवस्था पर सरकार का नियंत्रण है।
पटना, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में सक्रियता के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
संजय सरावगी ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं, लेकिन भविष्य में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया है, और वे वहां जाएंगे। इसके बाद एनडीए और भाजपा के नेता केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मिलकर सभी निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में नीतीश कुमार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर, जिसमें धर्म परिवर्तन करने पर अनुसूचित जाति को मिलने वाले लाभ खत्म करने का उल्लेख किया गया है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने समर्थन व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, "अगर कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति में जन्म लेता है, तो संविधान ने उसे आरक्षण और कई अन्य सुविधाएं दी हैं। लेकिन यदि कोई हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई या इस्लाम अपनाता है, तो उसे ये लाभ नहीं मिलने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल सही निर्णय लिया है।" उन्होंने यह भी कहा कि देश में इन दिनों धर्म परिवर्तन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया में सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री सभी दलों की सहमति से संकट का समाधान चाहते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार तेल, गैस और यूरिया जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने देने के लिए पहले से प्रयास कर रही है।
वहीं, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव हर मौके पर बिहार से बाहर चले जाते हैं।
बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून का राज है और अपराधियों को या तो बिहार छोड़ना होगा या अपराध छोड़ना होगा।