क्या बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने विपक्ष को नसीहत देने का सही कदम उठाया?
सारांश
Key Takeaways
- छात्रा की मौत पर राजनीति का खेल चल रहा है।
- सरकार ने एसआईटी का गठन किया है।
- दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया गया है।
पटना, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब गहराता जा रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार पर हमला कर रहा है।
इस बीच, बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने रविवार को विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को छात्रा की मौत पर राजनीतिक रोटी नहीं सेंकनी चाहिए। मीडिया से बातचीत में बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस घटना पर कुछ नेता या विपक्ष के लोग राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। इस तरह की घटनाओं को राजनीति का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, "बिहार सरकार ने इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, और जो भी जिम्मेदार होगा, उसे कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। अभी सब कुछ जांच के दायरे में है और जांच के बाद सही तथ्यों का खुलासा होगा।"
भाजपा नेता ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे सजा दी जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित परीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। इसलिए, एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। जो लोग इस घटना को लेकर राजनीति करना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।
गौरतलब है कि शनिवार को जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मृतक छात्रा के परिजनों के साथ पटना के एसएसपी से मुलाकात की थी। इसके बाद सांसद पप्पू यादव भी उस अस्पताल पहुंचे थे जहां छात्रा का इलाज चल रहा था। इस बीच, तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर आरोप लगाए हैं।
ज्ञात हो कि पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में हाल ही में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा बेहोश पाई गई थी। गंभीर स्थिति में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी पिछले रविवार को मृत्यु हो गई। पुलिस ने प्रारंभ में इसे आत्महत्या का मामला बताया।
हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हॉस्टल में यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। छात्रा जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना क्षेत्र की निवासी थी। सरकार ने इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की है।