बिहार में अपराध पर कार्रवाई तय, राजनीति नहीं: भाजपा सांसद संजय जायसवाल का स्पष्ट संदेश
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने 22 मई 2025 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि बिहार में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी — चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय का हो। उन्होंने यह बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की हालिया पुलिस एनकाउंटर संबंधी टिप्पणी के समर्थन में दिया।
बिहार पुलिस एनकाउंटर पर जायसवाल का रुख
जायसवाल ने कहा, 'अपराधी चाहे किसी भी जाति का हो, उसका एनकाउंटर होगा। सरकार ने यह संदेश साफ तौर पर दे दिया है कि अगर आप अपराध करेंगे, तो आपके साथ अपराधी जैसा ही बर्ताव किया जाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई अपराधी पुलिस पर गोली चलाता है या भागने की कोशिश करता है, तो पुलिस उसे यूं ही नहीं जाने देगी। उनके अनुसार, बिहार सरकार ने यह पक्का इरादा कर लिया है कि कोई भी अपराधी, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि का हो, सजा से नहीं बच सकेगा।
बकरीद गाइडलाइंस पर प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार द्वारा बकरीद को लेकर जारी नए दिशानिर्देशों पर जायसवाल ने कहा, 'यह बिल्कुल सही फैसला है। सभी को सभी समुदायों और सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।' उन्होंने जोड़ा कि त्योहारों को शांतिपूर्ण और उचित तरीके से मनाना चाहिए और समाज में भाईचारा बनाए रखना सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि हर मुसलमान का कर्तव्य है कि वह दूसरों की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करे, विशेष रूप से गायों के प्रति।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बकरीद पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और जेल की सजा हो सकती है।
कर्नाटक के इंजीनियरिंग सीट आवंटन पर सवाल
कर्नाटक सरकार द्वारा इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों की सीटों का आवंटन नीट से अलग करने के फैसले पर जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इंजीनियरिंग और नीट के बीच क्या संबंध है, यह केवल सिद्दारमैया ही बता सकते हैं। इंजीनियरिंग का नीट से कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि सच सबके सामने आना चाहिए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में पुलिस एनकाउंटर का बचाव करना सत्तारूढ़ गठबंधन की कानून-व्यवस्था की छवि को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कानून-व्यवस्था एक प्रमुख मुद्दा बनती जा रही है। आलोचकों का कहना है कि एनकाउंटर की न्यायिक निगरानी सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि इसका दुरुपयोग न हो।
आगे क्या
बिहार में पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख स्पष्ट है कि अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने की उम्मीद है।