क्या दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बुलडोजर एक्शन के बाद अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- पुलिस ने पथराव की घटना पर कार्रवाई की।
- हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है।
- स्थानीय समुदाय में तनाव उत्पन्न हुआ है।
- प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बुधवार की सुबह दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए पथराव की घटना पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि दिल्ली में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में अतिक्रमण को सहन नहीं किया जाएगा। एमसीडी या डीडीए द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की गई है। उन्होंने कहा, "मैं पुरानी दिल्ली का निवासी हूं और यहाँ के लोग शांति प्रिय हैं। अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरी तरह से कानून के अनुसार और हाईकोर्ट के आदेशों के तहत किया गया।" उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया है। वर्तमान में पुलिस मामले की जाँच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले पर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि चाहे वह हाईकोर्ट का आदेश हो या सुप्रीम कोर्ट का, इसे लागू करना पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है, लेकिन जो लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं, वे गलत हैं। पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।"
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि फैज-ए-इलाही मस्जिद अपनी निर्धारित जगह पर है। जो कार्रवाई हो रही है, वह मस्जिद के चारों ओर के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है। मस्जिद पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और तैयार है।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ एमसीडी ने कार्रवाई की। हालांकि, कुछ लोगों ने बुलडोजर एक्शन का विरोध करते हुए पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करने की आवश्यकता पड़ी। इस मामले में फिलहाल 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।