बिहार में 'बुलडोजर और एनकाउंटर राज' का आरोप: भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का BJP पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने शनिवार, 23 मई को पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार में सुशासन की जगह बुलडोजर और एनकाउंटर की राजनीति स्थापित कर दी है। उनके अनुसार, राज्य में अब कानून और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर दमनकारी कार्रवाइयाँ की जा रही हैं।
मुख्य आरोप: बुलडोजर और एनकाउंटर
भट्टाचार्य ने कहा कि बुलडोजर BJP शासन का प्रतीक बन चुका है और यह माफिया या बड़े अपराधियों पर नहीं, बल्कि गरीबों, फुटपाथ दुकानदारों, झुग्गीवासियों और अल्पसंख्यक समुदाय पर चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को बिना निष्पक्ष जाँच के 'बांग्लादेशी', 'अतिक्रमणकारी' या 'देशविरोधी' करार देकर निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस खुलेआम कह रही है कि गोली पैर में नहीं, छाती में मारी जाएगी। उनके अनुसार, पिछले चार दिनों में बिना पारदर्शी जाँच के पाँच लोगों को गोली मारी गई, जिनमें एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया गया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
नीतीश शासन से तुलना
भट्टाचार्य ने कहा कि BJP ने न केवल नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से हाशिये पर किया, बल्कि उनके पूरे शासन मॉडल को पलट दिया। उनके अनुसार, जहाँ पहले सुशासन और सांप्रदायिक सद्भाव की बात होती थी, वहाँ अब मॉब लिंचिंग, विस्थापन और नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
भट्टाचार्य ने पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि NEET और AEDEO जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक महज प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संगठित अपराध तंत्र और राजनीतिक संरक्षण का नतीजा है। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि लाखों छात्र-युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में कौन-कौन शामिल
इस प्रेस वार्ता में भाकपा-माले के पुनः निर्वाचित राज्य सचिव कुणाल, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) की महासचिव मीना तिवारी, विधायक संदीप सौरभ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के राज्य सचिव धनंजय ने भी संबोधित किया।
आगे क्या
भट्टाचार्य के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब बिहार में कानून-व्यवस्था का मुद्दा विपक्ष की राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है। भाकपा-माले के इन आरोपों पर BJP और राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, और यह देखना होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन दावों का किस तरह जवाब देता है।