क्या राजनीति में पारदर्शिता जरूरी है? : दिलीप जायसवाल

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क्या राजनीति में पारदर्शिता जरूरी है? : दिलीप जायसवाल

सारांश

बिहार के भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष दिलीप जायसवाल ने गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जाने वाले पीएम-सीएम को हटाने वाले बिल पर विपक्ष के विरोध का कड़ा जवाब दिया। उनका कहना है कि राजनीति में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और यह कानून राजनीति में सुधार लाने के लिए आवश्यक है।

Key Takeaways

  • राजनीति में पारदर्शिता जरूरी है।
  • दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर तीखा हमला किया।
  • सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग पर नेताओं का विश्वास।
  • बिहार की जनता ने कांग्रेस की यात्रा को नकार दिया।
  • बिहार में युवाओं को भड़काना संभव नहीं।

पटना, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जाने वाले पीएम-सीएम को हटाने वाले बिल के खिलाफ विपक्ष के विरोध पर बिहार के भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि इस बिल का विरोध वही करेगा जिसे डर सता रहा हो।

दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस बिल पर हमला वही कर सकता है, जिसे किसी तरह का डर सता रहा हो। इससे बेहतर कानून और क्या हो सकता है? अगर कोई प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान इस तरह का कानून बना रहा है, तो इससे बड़ा लोकतंत्र और पारदर्शिता नहीं हो सकती। राजनीति में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। ऐसे कानून राजनीति में सुचिता के लिए आवश्यक हैं।

दिलीप जायसवाल ने एसआईआर और वोटर अधिकार यात्रा को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोला। एसआईआर और 'वोट चोरी' के मामले पर राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा विफल रही है। बिहार की जनता ने इस यात्रा को नकार दिया है। अगर पार्टी का नेता यात्रा कर रहा है तो पीछे से कैडर आएगा ही।

उन्‍होंने कहा कि जिस एसआईआर पर देश का सुप्रीम कोर्ट खुद मॉनिटरिंग कर रहा है, उस पर अगर कोई नेता सड़क पर चर्चा करता है, तो इसका मतलब है कि इस देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था सुप्रीम कोर्ट पर उसकी विश्वास नहीं है। ऐसे में इस देश की जनता ऐसे नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगी। यानी इंडिया गठबंधन का एसआईआर के मामले में टायर पंचर हो गया है। राहुल गांधी को भी एहसास हो गया है कि बिहार के लोग उनसे ज्यादा तेज हैं। उन्हें पता चल गया है कि बिहार में आकर युवाओं को भड़काया नहीं जा सकता। बिहार में ऐसा चलने वाला नहीं है।

Point of View

हमें यह समझना होगा कि राजनीति में पारदर्शिता न केवल आवश्यक है, बल्कि यह लोकतंत्र के लिए भी अनिवार्य है। जब नेता अपने कार्यों में पारदर्शी होते हैं, तो जनता का विश्वास बढ़ता है। ऐसे कानूनों का स्वागत किया जाना चाहिए जो समाज में सुधार लाने में मदद करें।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

क्या राजनीति में पारदर्शिता जरूरी है?
हां, राजनीति में पारदर्शिता लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और जनता का विश्वास बढ़ाती है।
दिलीप जायसवाल का इस बिल पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध वही करेगा जिसे डर सता रहा हो।