गुजरात भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कोर समिति का गठन किया, तैयारियाँ तेज
सारांश
Key Takeaways
- प्रदेश संकलन समिति का गठन
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी
- घर-घर जाकर संपर्क करने का अभियान
- चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारियों का मजबूत ढांचा
- आंतरिक तालमेल को मज़बूत करने पर जोर
गांधीनगर, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी की गुजरात शाखा ने बुधवार को आगामी स्थानीय स्व-शासन चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए एक राज्य-स्तरीय कोर ग्रुप, जिसे 'प्रदेश संकलन समिति' कहा गया है, के गठन की जानकारी दी।
यह निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और सलाहकार बोर्ड के परामर्श के बाद लिया गया, जिसमें राज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने इस समिति की स्थापना की घोषणा की।
समिति के सदस्य में शामिल हैं: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, जगदीश विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, राज्य महासचिव (संगठन) रत्नाकरजी, मंत्री जीतू वाघाणी, मंत्री ऋषिकेश पटेल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष और विधायक गणपतसिंह वसावा, मंत्री दर्शना वाघेला, पूर्व मंत्री भूपेंद्रसिंह चूड़ासमा, और पूर्व मंत्री आई. के. जडेजा शामिल हैं।
यह घोषणा उस दिन की गई, जब गांधीनगर में भाजपा मुख्यालय में विश्वकर्मा की अध्यक्षता में एक राज्य-स्तरीय संगठनात्मक बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में राज्य संगठन महासचिव रत्नाकरजी और राज्य चुनाव प्रबंधन समिति के प्रभारी गोरधन जडाफ़िया के साथ-साथ अन्य राज्य पदाधिकारी, अभियान अध्यक्ष और महासचिव, तथा जिला व शहर के नेता भी उपस्थित थे।
पार्टी की राज्य इकाई के अनुसार, विश्वकर्मा ने चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारियों और सूक्ष्म-योजना पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। इसमें ज़िला और शहर इकाइयों से लेकर बूथ स्तर तक की व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी घर-घर संपर्क करने का अभियान चलाएगी।
उन्होंने कहा, "भाजपा के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में हुए विकास कार्यों को लेकर, भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बड़ी सेना घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेगी।"
उन्होंने आंतरिक तालमेल को मजबूत करने पर भी बल दिया। जिला, शहर और मंडल स्तर पर चुनाव-पूर्व तैयारियों के संबंध में नेताओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "यात्रा, जनसंपर्क और मेहनत के जरिए संचार, संपर्क और तालमेल को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।"