10 अगस्त 2026
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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव: भाजपा की अहम बैठक शुरू, 15 नगर निगम मेयर और 33 जिला पंचायत अध्यक्षों के नाम तय होंगे

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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव: भाजपा की अहम बैठक शुरू, 15 नगर निगम मेयर और 33 जिला पंचायत अध्यक्षों के नाम तय होंगे

गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 मई 2026 को गांधीनगर में अपनी राज्य चुनाव समिति की बैठक बुलाई, जिसका उद्देश्य 26 अप्रैल को हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भारी जीत के बाद 15 नगर निगमों के मेयर और 33 जिला पंचायतों के अध्यक्षों के नामों को अंतिम रूप देना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह बैठक लगभग तीन दिनों तक चलेगी और इसके बाद नेतृत्व पदों की घोषणा की जाएगी।

बैठक की संरचना और नेतृत्व

यह महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी सम्मिलित हुए। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि नेतृत्व चयन की यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी।

तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया

पहले चरण में स्थानीय नेताओं और सफल उम्मीदवारों के साथ विचार-विमर्श किया गया। दूसरे चरण में जिला-स्तरीय इकाइयों और पार्टी पर्यवेक्षकों से सुझाव एवं जानकारी जुटाई गई। अंतिम तीसरे चरण में इन निष्कर्षों को राज्य चुनाव समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद कम से कम तीन दिनों के भीतर निर्णयों की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव, चुनावी प्रदर्शन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

26 अप्रैल की ऐतिहासिक जीत का संदर्भ

26 अप्रैल 2026 को हुए गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की लगभग 9,200 सीटों पर मतदान हुआ। इन चुनावों में 4.18 करोड़ से अधिक योग्य मतदाता पंजीकृत थे। नगर निगम क्षेत्रों में लगभग 55 प्रतिशत और पंचायत क्षेत्रों में 66 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।

भाजपा का व्यापक प्रदर्शन

चुनाव परिणामों में भाजपा ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत सभी 15 नगर निगमों पर अपना दबदबा बरकरार रखा। ग्रामीण स्थानीय निकायों में भी पार्टी ने जिला और तालुका पंचायतों की अधिकांश सीटें जीतकर पूरे राज्य में अपनी स्थिति और सुदृढ़ कर ली। गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) अधिकांश क्षेत्रों में पीछे रही, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही सीमित सफलता मिली, जिसका समग्र परिणामों पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ा।

आगे क्या होगा

इस तीन-दिवसीय बैठक के निष्कर्षों से गुजरात भर में नगर और जिला स्तर पर शासन की जिम्मेदारी संभालने वाले नागरिक संस्थानों के नेतृत्व का निर्धारण होगा। पार्टी के एक नेता के अनुसार,

राष्ट्र प्रेस
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