गुजरात निकाय चुनाव 2026: भाजपा ने 6,800 से अधिक सीटें जीतीं, नगर निगमों से पंचायतों तक दबदबा

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गुजरात निकाय चुनाव 2026: भाजपा ने 6,800 से अधिक सीटें जीतीं, नगर निगमों से पंचायतों तक दबदबा

सारांश

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया है — नगर निगमों से लेकर तालुका पंचायतों तक 6,800 से अधिक सीटें जीतकर। सूरत में 120 में से 115 सीटें और वडोदरा, राजकोट, जामनगर में स्पष्ट बहुमत पार्टी की शहरी पकड़ को रेखांकित करता है।

Key Takeaways

  • भाजपा ने गुजरात निकाय चुनाव 2026 में 6,800 से अधिक सीटें जीतीं — नगर निगम, नगर पालिका, जिला व तालुका पंचायतों में।
  • सूरत नगर निगम में भाजपा ने 120 में से 115 सीटें जीतीं; वडोदरा में 56 में से 51, राजकोट में 61 में से 57
  • तालुका पंचायतों में भाजपा 3,280 सीटों पर आगे; कांग्रेस 873 पर।
  • कांग्रेस ने डभोई नगर पालिका में 36 में से 21 सीटें जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
  • चुनाव 26 अप्रैल 2026 को हुए; 11 नगर पालिकाओं के उपचुनाव भी इसी के साथ।
  • अंतिम नतीजे राज्य चुनाव आयोग की देखरेख में सभी चरण पूरे होने के बाद घोषित होंगे।

गांधीनगर, 28 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में निर्णायक बढ़त बनाते हुए 6,800 से अधिक सीटें हासिल कर ली हैं। 26 अप्रैल को हुए इन चुनावों की मतगणना राज्य चुनाव आयोग की देखरेख में जारी है और अंतिम नतीजे सभी चरणों की गिनती पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे।

मतगणना का दायरा और स्वरूप

26 अप्रैल 2026 को संपन्न इन चुनावों में 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएँ, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। इसके साथ ही 11 नगर पालिकाओं में हुए उपचुनावों की गिनती भी एक साथ की जा रही है। नतीजे तय मतगणना केंद्रों से चरणबद्ध तरीके से घोषित किए जा रहे हैं।

श्रेणीवार सीटों का हिसाब

अब तक घोषित रुझानों के अनुसार, नगर निगमों में भाजपा ने 846 सीटें जीती हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 71 और अन्य को 12 सीटें मिली हैं। नगर पालिकाओं में भाजपा 1,889 सीटों पर आगे है, कांग्रेस 408 और अन्य 172 सीटों पर। जिला पंचायतों में भाजपा ने 802 सीटें, कांग्रेस ने 116 और अन्य दलों ने 43 सीटें हासिल की हैं। तालुका पंचायतों में भाजपा 3,280 सीटों पर, कांग्रेस 873 और अन्य 409 सीटों पर है।

प्रमुख नगर निगमों के नतीजे

वडोदरा नगर निगम में भाजपा ने 56 घोषित सीटों में से 51 सीटें (दो निर्विरोध सहित) जीतकर 76-सदस्यीय निकाय में बहुमत का आँकड़ा पार कर लिया है। राजकोट नगर निगम में 72 में से 61 घोषित सीटों में से भाजपा ने 57 जीती हैं। जामनगर नगर निगम में 64 में से 48 घोषित सीटों में से पार्टी ने 44 सीटें हासिल की हैं।

नवसारी नगर निगम और मोरबी नगर निगम में भी भाजपा ने गिनती जारी रहते हुए स्पष्ट बहुमत बनाए रखा है। पोरबंदर नगर निगम में पार्टी ने अब तक गिनी गई 52 सीटों में से सभी 34 घोषित सीटें जीती हैं, जिनमें 11 निर्विरोध सीटें भी शामिल हैं। सूरत नगर निगम में केंद्रीय मंत्री एवं नवसारी के सांसद सी.आर. पाटिल ने दावा किया कि भाजपा ने 120 में से 115 सीटें जीती हैं और इसे जनता का पार्टी के शासन पर भरोसा बताया।

नगर पालिकाओं में प्रदर्शन

भाजपा ने कई शहरी स्थानीय निकायों में भी जीत दर्ज की है — खंभात नगर पालिका में 36 में से 22, सोजित्रा में 24 में से 15, तारापुर में 24 में से 13, पालनपुर नगर पालिका में 44 में से 27, व्यारा नगर पालिका में 28 में से 26 (नौ निर्विरोध सहित), धनेरा नगर पालिका में 28 में से 19, सिद्धपुर नगर पालिका में 36 में से 26 (तीन निर्विरोध सहित)। कच्छ जिले में भुज नगर पालिका में 44 में से 28 और मुंद्रा नगर पालिका में 28 में से 19 सीटें पार्टी के खाते में गई हैं। नखतराना नगर पालिका भी भाजपा ने जीती है।

कांग्रेस का प्रदर्शन और आगे की राह

कांग्रेस ने डभोई नगर पालिका में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जहाँ उसने 36 में से 21 सीटें जीतीं — इनमें 4 निर्विरोध सीटें और मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता वाले कई वार्ड शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्यभर में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमज़ोर रहा है। गौरतलब है कि गुजरात में भाजपा पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सत्ता में है और स्थानीय निकाय चुनावों में भी उसका वर्चस्व बरकरार रहा है। सभी केंद्रों पर गिनती जारी है और राज्य चुनाव आयोग के अनुसार अंतिम नतीजे सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे।

Point of View

बल्कि तीन दशकों से चली आ रही संगठनात्मक पकड़ की पुनः पुष्टि है। सूरत में 120 में से 115 सीटें जीतना बताता है कि शहरी गुजरात में विपक्ष के लिए ज़मीन लगभग नहीं बची। हालाँकि, डभोई जैसे निकायों में कांग्रेस की जीत यह संकेत देती है कि जातीय और सामुदायिक समीकरण स्थानीय स्तर पर अभी भी भूमिका निभाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इन बिखरी जीतों को कोई सुसंगत रणनीति में बदल पाएगी, या गुजरात में उसका क्षरण जारी रहेगा।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात निकाय चुनाव 2026 में भाजपा ने कुल कितनी सीटें जीतीं?
अब तक के रुझानों के अनुसार भाजपा ने सभी श्रेणियों को मिलाकर 6,800 से अधिक सीटें जीती हैं — नगर निगमों में 846, नगर पालिकाओं में 1,889, जिला पंचायतों में 802 और तालुका पंचायतों में 3,280। गिनती अभी जारी है।
गुजरात निकाय चुनाव कब हुए और किन निकायों के लिए थे?
ये चुनाव 26 अप्रैल 2026 को हुए और इनमें 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएँ, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल थीं। 11 नगर पालिकाओं में उपचुनाव भी साथ हुए।
सूरत नगर निगम में भाजपा ने कितनी सीटें जीतीं?
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल के अनुसार भाजपा ने सूरत नगर निगम में 120 में से 115 सीटें जीती हैं। पाटिल ने इसे पार्टी के शासन पर जनता के भरोसे का प्रमाण बताया।
कांग्रेस ने गुजरात निकाय चुनावों में कहाँ अच्छा प्रदर्शन किया?
कांग्रेस ने डभोई नगर पालिका में 36 में से 21 सीटें जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जिनमें 4 निर्विरोध और मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता वाले कई वार्ड शामिल हैं। हालाँकि राज्यभर में पार्टी का प्रदर्शन कमज़ोर रहा।
अंतिम नतीजे कब घोषित होंगे?
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार सभी मतगणना केंद्रों पर गिनती के सभी चरण पूरे होने के बाद ही अंतिम नतीजे घोषित किए जाएंगे। 28 अप्रैल 2026 को गिनती जारी है।
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