गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025: CM भूपेन्द्र पटेल और डिप्टी CM संघवी ने डाला वोट, 9,263 सीटों पर मतदान जारी
सारांश
Key Takeaways
- 9,263 सीटों पर मतदान जारी है, जो कुल 10,005 सीटों में से हैं।
- CM भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद के शेला में और डिप्टी CM हर्ष संघवी ने सूरत में वोट डाला।
- अहमदाबाद की 190 नगर निगम सीटों पर 38 लाख से अधिक मतदाता वोट डाल रहे हैं।
- खेड़ा में वड़ताल स्वामीनारायण मंदिर के 600 से अधिक संत मतदान में शामिल हुए।
- 48,450 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी।
- ये चुनाव 2027 गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले जनमत का पहला बड़ा पैमाना माने जा रहे हैं।
गांधीनगर, 26 अप्रैल: गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025 में 10,005 में से 9,263 सीटों पर शनिवार को मतदान हो रहा है। 48,450 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद के शेला क्षेत्र में अपना मताधिकार प्रयोग किया, जबकि उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सूरत में वोट डाला।
मुख्य घटनाक्रम: कहां-कितना मतदान
अहमदाबाद नगर निगम की 190 सीटों पर मतदान जारी है, जिसमें 38 लाख से अधिक मतदाता अपने प्रतिनिधि चुन रहे हैं। यह शहर गुजरात की आर्थिक राजधानी होने के नाते इन चुनावों में सबसे अधिक राजनीतिक महत्व रखता है।
खेड़ा जिले में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहां वड़ताल स्वामीनारायण मंदिर के 600 से अधिक संतों ने मंदिर के कर्मचारियों और प्रतिनिधियों के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर अपने वोट डाले। यह धार्मिक संस्था की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
नेताओं की अपील: युवा मतदाताओं पर जोर
मतदान के बाद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पहली बार वोट डाल रहे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "मेरे युवा मित्रों, आप में से कई लोग स्थानीय निकाय चुनावों में पहली बार मतदान कर रहे हैं। मुझे आशा है कि आपके जीवन स्तर में और भी अधिक सुधार होगा।"
संघवी ने इन चुनावों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात के सभी नागरिक एकजुट होकर इतिहास में एक नया अध्याय लिखने को तैयार हैं।
बारडोली सांसद प्रभु वासावा ने भी मतदाताओं से 100 फीसदी मतदान की अपील करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वोट डालना हर भारतीय का नैतिक कर्तव्य है। जामनगर में भाजपा नगर अध्यक्ष बीनाबेन कोठारी ने भी नगर निगम चुनाव में जनता से मताधिकार का उपयोग करने की अपील की।
आम जनता की राय और स्थानीय महत्व
अहमदाबाद के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "लोकतंत्र में यह सबसे बुनियादी बात है। स्थानीय सेवाएं इसी स्तर पर संचालित होती हैं, इसलिए सभी को जागरूक होना चाहिए।" यह टिप्पणी स्थानीय निकाय चुनावों की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।
स्थानीय निकाय चुनाव नागरिकों के दैनिक जीवन — सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट — से सीधे जुड़े होते हैं। इसीलिए इन चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों से कहीं अधिक व्यावहारिक महत्व रखती है।
राजनीतिक संदर्भ और भाजपा की रणनीति
गुजरात में भाजपा लंबे समय से सत्ता में है और स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी का दबदबा रहा है। 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने अधिकांश नगर निगमों पर कब्जा जमाया था। इस बार CM भूपेन्द्र पटेल और डिप्टी CM संघवी का खुद मतदान केंद्र पर जाना पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को संदेश देने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि ये चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियां पर्दे के पीछे शुरू हो चुकी हैं। स्थानीय निकाय चुनावों का परिणाम दोनों प्रमुख दलों के लिए जनमत का पहला बैरोमीटर होगा। विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों से यह भी स्पष्ट होगा कि विपक्ष गुजरात में कितना संगठित हो पाया है।
मतदान की अंतिम प्रक्रिया शाम 6 बजे समाप्त होगी और मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन नतीजों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं क्योंकि यह गुजरात की राजनीतिक दिशा का संकेत देंगे।