क्या राजस्थान में गैस की कमी का मुद्दा राजनीतिकरण का शिकार है? सीएम भजनलाल शर्मा की कांग्रेस पर टिप्पणी
सारांश
Key Takeaways
- गैस की कमी का मुद्दा राजनीतिकरण का शिकार हो रहा है।
- राज्य सरकार ने समस्या से निपटने के लिए तत्परता दिखाई।
- केंद्र सरकार पर विश्वास जताया गया है।
- उद्यमियों को आर्थिक सहायता के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
- राजस्थान दिवस का महत्व बताया गया।
जयपुर, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गैस की कमी के विषय पर कांग्रेस पर तीखा आरोप लगाया। उन्होंने यह सवाल किया कि क्या इस समस्या का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर हैरानी होती है कि कांग्रेस इस समस्या को केवल राजनीति का हिस्सा बना देती है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गैस की समस्या केवल राजस्थान में है या पूरे देश में, और क्या यह संकट इस राज्य ने उत्पन्न किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाए। जिस दिन यह मुद्दा सामने आया, उसी दिन अधिकारियों की बैठक बुलाई गई और उन्हें निर्देश दिए गए कि गैस की सप्लाई में कोई बाधा न आए।
केंद्र सरकार पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। पहले राज्य में गैस का स्टॉक पांच दिन के लिए रखा जाता था, जिसे अब बढ़ाकर आठ दिन कर दिया गया है और इसे और भी बढ़ाने की योजना है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता देश की छवि को धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे देश में हों या विदेश में, कांग्रेस के कुछ लोग भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे सच बोलते हैं, तो विपक्ष असहज हो जाता है।
मुख्यमंत्री यह बातें राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘उद्यमी संवाद’ कार्यक्रम में कह रहे थे। उन्होंने पूर्व सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। युवाओं को गुमराह किया गया, उद्यमियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा और केंद्र से आए फंड में भ्रष्टाचार हुआ। इसके साथ ही, आपसी मतभेदों के कारण शासन व्यवस्था कमजोर हो गई थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिजली की निरंतर आपूर्ति की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बिजली और पानी बहुत महत्वपूर्ण हैं। सरकार का लक्ष्य 2027 तक किसानों और उद्योगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना समेत कई योजनाओं के माध्यम से युवा उद्यमियों को आर्थिक मदद दी जा रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नीतियों को लागू करने के लिए मेहनत और लगन चाहिए, केवल बैठकर काम नहीं चलता।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गलत करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई मामले दर्ज किए गए हैं और युवाओं को प्रभावित करने वाले अपराधों में लगभग 450 लोगों को जेल भेजा गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए जापानी निवेशकों के साथ एक समझौता (एमओयू) किया गया है। उद्यमियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ा रहे हैं, बल्कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। राजस्थान दिवस का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य का गठन 30 मार्च 1949 को रियासतों के एकीकरण से हुआ था। अब राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है।