कांग्रेस संकट के समय राजनीति करती है: जेपी नड्डा का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है।
- एलपीजी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की गई है।
- यह संकट अंतरराष्ट्रीय स्थितियों के कारण है।
- संकट के समय राजनीति करना निंदनीय है।
- राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया गया था।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाया है कि जब देश में संकट आता है, तब कांग्रेस राजनीति करने से नहीं चूकती। इसके साथ ही, उन्होंने एलपीजी गैस सिलेंडर के संबंध में कहा कि कांग्रेस के एक नेता एलपीजी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़े गए हैं।
जेपी नड्डा ने सोमवार को यह जानकारी राज्य सभा में प्रस्तुत की। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि एलपीजी की वर्तमान स्थिति भारत के कारण उत्पन्न नहीं हुई है और न ही भारत का इस स्थिति में कोई योगदान है। नड्डा सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए वक्तव्य का उत्तर दे रहे थे।
वास्तव में, इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी की कमी के मुद्दे को उठाया था। इस पर जेपी नड्डा ने कहा, “मुझे खेद है कि हमारे यहां विपक्ष, विशेषकर इंडियन नेशनल कांग्रेस, विपत्ति के समय में भी देश में राजनीति करने से पीछे नहीं हटती।”
जेपी नड्डा ने सदन को बताया कि देश में एलपीजी गैस का यह संकट भारत के कारण नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उत्पन्न हुआ है। यह सभी जानते हैं कि इन्हीं अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते यह संकट पैदा हुआ है।
नड्डा ने कहा कि इस संकट के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही विस्तार से जानकारी दे चुके हैं। लेकिन जब वे बोल रहे थे, तब ये लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इसके अलावा, कांग्रेस का एक नेता एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने सिलेंडरों की होर्डिंग करके जनता को भड़काने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ये लोग देश के शांतिप्रिय नागरिकों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भी राजनीति करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय इस मुद्दे को उठाकर देश में खलबली मचाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश करना अत्यंत निंदनीय है। उल्लेखनीय है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर सदन में शून्यकाल के दौरान विस्तृत वक्तव्य दिया।
इस पर जेपी नड्डा ने सभापति से कहा कि यह शून्यकाल है और माननीय सदस्य, जो कि विपक्ष के नेता भी हैं, उन्हें यह ज्ञात होना चाहिए कि उन्हें अपनी बात तीन मिनट के भीतर ही रखनी होती है। लेकिन उन्होंने छह मिनट से अधिक समय तक बात की है। इसलिए मुझे लगता है कि इस पर आपका हस्तक्षेप आवश्यक है।