शिवसेना नेता शाइना एनसी का कांग्रेस पर प्रहार- एलपीजी संकट पर कब तक करेंगे झूठ?
सारांश
Key Takeaways
- शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कांग्रेस पर गैस संकट के मुद्दे पर हमला किया।
- कांग्रेस के नेता मानते हैं कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है।
- शाइना एनसी ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
- असदुद्दीन ओवैसी के विवादास्पद बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी गई।
- पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ रही है।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता कमलनाथ और आनंद शर्मा के बयानों का उल्लेख करते हुए, शिवसेना नेता शाइना एनसी ने गैस संकट मुद्दे पर तीखा जवाब दिया है।
राष्ट्र प्रेस से मुंबई में बातचीत करते हुए, शाइना एनसी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में एलपीजी संकट नहीं है। लेकिन, विपक्ष ने हमेशा लोगों में भय का वातावरण बनाने के लिए अफवाहें फैलाई हैं। अब तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया है।
कमलनाथ और आनंद शर्मा जैसे नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए शाइना एनसी ने कहा कि खुद कांग्रेस नेता मान रहे हैं कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है।
शाइना एनसी ने कहा कि विपक्ष कब तक भ्रम का माहौल बनाएगा और कब तक झूठी अफवाहें फैलाएगा। यह अच्छी बात है कि कांग्रेस में भी ऐसे नेता हैं, जो मानते हैं कि एलपीजी संकट नहीं है। यह केवल एक माहौल बनाया जा रहा है कि गैस की कमी है।
राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने पर आप में बयानबाजी शुरू हो गई है। इस मामले पर शाइना एनसी ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक विशिष्ट पार्टी है, जो खास लोगों के लिए है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत मामला है। लेकिन, जो दिखता है, वही बिकता है, और उन्होंने वही किया है। अरविंद केजरीवाल पर टिप्पणी करते हुए शाइना एनसी ने कहा कि उनकी कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के ‘मियां’ वाले बयान पर शाइना एनसी ने कहा कि असम में हिमंता बिस्वा सरमा के कार्यों पर जनता की जीत होगी। ओवैसी तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकते, इसलिए वे लोगों को गुमराह करने और असम में शांति भंग करने के लिए ऐसे विवादास्पद बयान देते रहते हैं।
पश्चिम बंगाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर शाइना एनसी ने कहा कि लोगों को वर्तमान स्थिति का ज्ञान है। टीएमसी को बंगाल की जनता ने तीन बार मौका दिया, लेकिन विकास का कोई कार्य नहीं किया गया। सरकार ने लोगों में अनबन बनाए रखी। अब बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी की विदाई तय कर दी है।