संजय निरुपम का बयान: राघव चड्ढा का अरविंद केजरीवाल के समर्थन में नहीं आना मुख्य कारण
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा का समर्थन न करना उनके पद से हटाए जाने का कारण बन गया।
- संजय निरुपम ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
- मोदी सरकार की एलपीजी सप्लाई पर सराहना की गई।
- कांग्रेस ने कहा कि देश में एलपीजी का संकट नहीं है।
- राजनीतिक समीकरणों में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि राघव चड्ढा का पद से हटाया जाना का सबसे मुख्य कारण यह है कि जब अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले और कई अन्य घोटालों में जेल गए थे, तब राघव चड्ढा उनके समर्थन में नहीं आए थे। जबकि अन्य सभी लोग केजरीवाल को ईमानदार बता रहे थे, आम आदमी पार्टी की अपेक्षा थी कि राघव चड्ढा भी उन्हें ईमानदार बताएं।
उन्होंने आगे कहा कि राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल को ईमानदार नहीं बताया, जिससे भ्रष्टाचार के समर्थक लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। राघव चड्ढा राज्यसभा में आम आदमी से संबंधित मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं, लेकिन आप पार्टी, जो खुद को आम आदमी की पार्टी मानती है, वो आम आदमी के मुद्दों पर बोलने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
एलपीजी की सप्लाई को लेकर मोदी सरकार के काम की सराहना करते हुए संजय निरुपम ने कहा कि जब देश के सामने कोई संकट आता है, तो प्रधानमंत्री मोदी उस पर तुरंत कदम उठाते हैं। अक्सर देखा गया है कि कांग्रेस नेतृत्व उस संकट के बहाने सरकार को बदनाम करने की कोशिश करता है।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध से पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पर कुछ असर पड़ा है, लेकिन भारत सरकार के विशेष प्रयासों के कारण देश में पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। सरकार अन्य देशों से बात कर सप्लाई को बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने बार-बार अनावश्यक रूप से कहा कि एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थों का संकट है। कांग्रेस में समझदार लोग हैं, जो सामने आकर कह रहे हैं कि देश में एलपीजी का कोई संकट नहीं है।