शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने आदित्य ठाकरे के एलपीजी मुद्दे पर उठाए सवालों का दिया जवाब

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शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने आदित्य ठाकरे के एलपीजी मुद्दे पर उठाए सवालों का दिया जवाब

सारांश

एलपीजी आपूर्ति पर बढ़ती चुनौतियों के बीच, शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने आदित्य ठाकरे के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत का मुख्य लक्ष्य शांति और स्थिरता बनाए रखना है।

मुख्य बातें

एलपीजी आवंटन का 20 प्रतिशत उन क्षेत्रों के लिए किया जाएगा, जहां इसकी अधिक आवश्यकता है।
शिवसेना ने जमीनी हालात को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत को वैश्विक संकट के समय एकजुट रहने की आवश्यकता है।
सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र पर प्रभाव के बारे में स्पष्टता दी है।
प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान आम आदमी की जेब पर बोझ कम करने पर है।

मुंबई, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी आपूर्ति और वैश्विक चुनौतियों के बढ़ते संकट के बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने विपक्ष के नेताओं, विशेषकर आदित्य ठाकरे के बयानों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस समय भारत का प्राथमिक लक्ष्य शांति और स्थिरता बनाए रखना है, लेकिन जमीनी हालात को समझना भी उतना ही आवश्यक है।

शाइना एनसी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने यह घोषणा की है कि एलपीजी का २० प्रतिशत आवंटन उन क्षेत्रों के लिए किया जाएगा, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इनमें रेस्टोरेंट, अस्पताल, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ, बेकरी और सब्सिडी कैंटीन शामिल हैं। साथ ही, स्थानीय निकाय भी इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं ताकि आम जनता को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या संकट की स्थिति पैदा होती है, तब इसका प्रभाव हर देश पर पड़ता है। ऐसे समय में, सभी को एकजुट रहना चाहिए और भारत भी इस दिशा में प्रयासरत है ताकि देश सुरक्षित रहे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति में कोई संकट उत्पन्न न हो।

आदित्य ठाकरे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर उठाए गए सवालों के जवाब में शाइना एनसी ने कहा कि विपक्ष अक्सर आरोप लगाने में व्यस्त रहता है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमएसएमई क्षेत्र पर इस स्थिति का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विदेशी निवेश भारत में आएगा, हालांकि वर्तमान में पूरी दुनिया शेयर बाजार के संकट का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर केंद्रित है ताकि आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े। उनका प्रयास है कि हर चुनौती को अवसर में बदला जाए।

पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने कड़ा संदेश दिया, यह बताते हुए कि यह नया भारत है, जो हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एलपीजी का संकट न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित कर रहा है। हमें एकजुट रहकर इस समस्या का समाधान करना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी आवंटन में क्या परिवर्तन हुआ है?
सरकार ने एलपीजी का २० प्रतिशत आवंटन उन क्षेत्रों के लिए करने का निर्णय लिया है, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
आदित्य ठाकरे का बयान क्या था?
आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया था, जिसे शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया दी।
राष्ट्र प्रेस
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