छगन भुजबल ने नागरिकों को एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता न करने की दी सलाह

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छगन भुजबल ने नागरिकों को एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता न करने की दी सलाह

सारांश

महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें एलपीजी आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने नागरिकों से चिंता न करने का आग्रह किया।

Key Takeaways

  • छगन भुजबल ने नागरिकों से चिंता न करने का आग्रह किया।
  • एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सरकारें प्रयासरत हैं।
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया है।
  • एलपीजी की कीमतें बढ़ी हैं।
  • राज्य सरकार ने कालाबाजारी रोकने के उपाय किए हैं।

मुंबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को नागरिकों से एलपीजी आपूर्ति के संबंध में चिंता न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।

राज्य विधान परिषद में अपने बयान में मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व संघर्ष के पहले की तुलना में खाद्य तेल की कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई है।

भुजबल ने यह भी बताया कि शेष व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, श्मशान घाटों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया है। वहीं, रक्षा, सरकारी क्षेत्र, रेलवे, विमानन, और पुलिस/जेल कैंटीन को 70 प्रतिशत और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की कैंटीन, दवा उद्योग, बीज प्रसंस्करण और मत्स्य पालन को 50 प्रतिशत गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन 9,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। जिला स्तर पर विशेष समितियां और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। तेल कंपनियों (बीपीसीएल, एचपीसीएल, आईओसीएल) और गैस वितरकों के साथ नियमित बैठकें हो रही हैं। गैस रिफिल बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में तकनीकी खराबी को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। एलपीजी के परिवहन और वितरण के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया गया है। तेल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक है और वितरण फिलहाल सुचारू रूप से चल रहा है।

मंत्री के अनुसार, देश के सभी राज्यों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, नियंत्रण और दरें निर्धारित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए, केंद्र सरकार ने 5 मार्च, 2026 को तेल कंपनियों को आदेश दिया कि वे एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपयोग के लिए करें ताकि ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। केंद्र सरकार ने 7 मार्च, 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत 852.50 रुपए से बढ़ाकर 912.50 रुपए कर दी है। इसी प्रकार, व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमत 1,720.50 रुपए से बढ़ाकर 1,835.00 रुपए कर दी गई है।

मंत्री भुजबल ने कहा कि राज्य सरकार ने ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए कई उपाय किए हैं।

Point of View

क्योंकि यह उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। राज्य और केंद्र सरकार की एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने की पहल से आम जनता को राहत मिलेगी।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी की आपूर्ति में क्या हुआ है?
केंद्र और राज्य सरकारें एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
भुजबल ने किस प्रकार की गैस आपूर्ति की बात की है?
भुजबल ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे अस्पतालों और अनाथालयों को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
क्या एलपीजी की कीमतें बढ़ी हैं?
हाँ, केंद्र सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ा दी हैं।
सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए क्या उपाय किए हैं?
राज्य सरकार ने ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
भुजबल ने कब एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बयान दिया?
उन्होंने यह बयान 16 मार्च को दिया।
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