राज ठाकरे: ईरान को समर्थन न देने से भारत को होगा बड़ा नुकसान

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राज ठाकरे: ईरान को समर्थन न देने से भारत को होगा बड़ा नुकसान

सारांश

राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की ईरान को समर्थन न देने की नीति पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत को कूटनीतिक और आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। जानें उनके भाषण की मुख्य बातें।

Key Takeaways

  • ईरान को समर्थन न देना भारत के लिए कूटनीतिक नुकसान हो सकता है।
  • भारत का अधिकांश तेल ईरान से आता है।
  • राज ठाकरे ने राज्य के बढ़ते कर्ज पर चिंता जताई।
  • ठाकरे ने महाराष्ट्र की खोई हुई शान को पुनर्स्थापित करने का भरोसा जताया।
  • प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर ठाकरे की कड़ी आलोचना।

मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का महत्वपूर्ण सहयोगी है, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दों पर। ठाकरे ने चेतावनी दी कि एक विश्वसनीय सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह बयान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत का अधिकांश तेल ईरान से आता है, और ईरान ने इसे भारतीय रुपये में सप्लाई किया है।

ठाकरे ने कहा कि जब ईरान पर हमला हुआ, तो हमारे प्रधानमंत्री ने एक भी समर्थन भरा बयान जारी नहीं किया। खामेनेई के निधन पर भी कोई आधिकारिक शोक या विरोध का संदेश नहीं आया।

एमएनएस की 20वीं वर्षगांठ पर, ठाकरे ने इसे 'दिव्य संकेत' बताया और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र की 'खोई हुई शान' को पुनर्स्थापित करेगी।

अपने विस्तृत भाषण में, उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज और बिगड़ते शहरी बुनियादी ढांचे पर भी प्रकाश डाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की।

यह उनका पहला भाषण था, जिसमें उन्होंने मराठी गौरव और मराठी मानुष के हितों की रक्षा के मुद्दों पर अपने चचेरे भाई और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हाथ मिलाया।

घरेलू मामलों पर बात करते हुए, ठाकरे ने राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में 2014 में राज्य का कर्ज लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकास की बातें करते हैं, लेकिन राज्य कर्ज में डूबा हुआ है।

Point of View

जो वर्तमान में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ठाकरे की चिंता इस बात को दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सहयोगी देशों के साथ संबंधों का कितना महत्व है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

राज ठाकरे ने किस विषय पर चिंता जताई?
राज ठाकरे ने केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर चिंता जताई है।
ईरान का भारत के लिए क्या महत्व है?
ईरान भारत का एक लंबे समय से सहयोगी रहा है, विशेषकर कश्मीर के मुद्दे पर।
ठाकरे का ईरान पर बयान कब दिया गया?
यह बयान गुड़ी पड़वा के अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में दिया गया।
राज ठाकरे ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज 2014 में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
राज ठाकरे की पार्टी का क्या लक्ष्य है?
ठाकरे का कहना है कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र की खोई हुई शान को पुनर्स्थापित करेगी।
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