एलपीजी संकट पर बोले शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े: पीएम मोदी करेंगे समाधान
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी संकट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में संघर्ष है।
- कृष्णा हेगड़े ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया।
- फारूक अब्दुल्ला पर हमले की कोशिश की गई।
- राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए गए।
- राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा का महत्व।
मुंबई, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी संकट पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने विश्वास व्यक्त किया है कि पीएम मोदी इस समस्या का समाधान भी खोज लेंगे।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण तेल और गैस का संकट उत्पन्न हुआ है। तेल के बैरल की कीमतें बढ़ गई हैं, गैस की कमी हो रही है और गैस भी महंगी मिल रही है। युद्ध का प्रभाव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखा जा रहा है। लेकिन, पीएम मोदी के नेतृत्व में इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। समाधान निकालने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई और बैंगलोर में कई स्थानों पर गैस की कमी के कारण होटल बंद हो रहे हैं, खाद्य उत्पादन में कमी आ रही है, और उनके किचन ठप हो चुके हैं। लेकिन, पीएम मोदी हर स्तर पर समाधान के लिए कार्यरत हैं। कोविड-१९ के दौरान उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल कोविड को पराजित किया, बल्कि सभी विदेशी देशों को वैक्सीन प्रदान कर लाखों लोगों की जान भी बचाई। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस समस्या का हल निकाला जाएगा। युद्ध को समाप्त करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले की कोशिश पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कल किसी ने एनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को गोली मारने की कोशिश की। हमलावर ने गोलियां चलाईं। प्राइवेट कार्यक्रमों में सुरक्षा की आवश्यकता होती है, विशेषकर जब राजनीतिक नेताओं का आना-जाना हो। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। हम विश्वास करते हैं कि पूर्व सीएम को अपनी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों में जाने से पहले सतर्क रहें, नहीं तो हानि हो सकती है।
राहुल गांधी के संबंध में सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी का आंकड़ा प्रस्तुत किया कि वे चर्चा में भाग नहीं लेते हैं। चर्चा के दौरान वे विदेश चले जाते हैं, उनकी गंभीरता संदिग्ध है। यह सही है कि हर बार राहुल गांधी अमेरिका और जर्मनी जाते हैं और वहां जाकर भारत की छवि को खराब करने का प्रयास करते हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। गृह मंत्री अमित शाह ने सही बात कही है, और हम इसका समर्थन करते हैं।