भाजपा सांसद ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर दी प्रतिक्रिया, कहा 'मोदी के कारण भारत युद्ध के असर से बचा'
सारांश
Key Takeaways
- किसान सुरक्षित हैं - युद्ध के कारण डीजल की बढ़ती कीमतों का भारत में असर नहीं।
- एलपीजी की समस्या - भविष्य में समस्या बन सकती है अगर युद्ध जारी रहा।
- राष्ट्र प्रथम की नीति - प्रधानमंत्री मोदी की नीतियां हमेशा 'राष्ट्र प्रथम' की रही हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के चेवेल्ला से भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और इसके संभावित प्रभावों पर अपनी राय व्यक्त की है। सांसद ने कहा कि यह केवल मेरी इच्छा नहीं है, बल्कि यह भारत की जनता की भी इच्छा है और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी की भी यही इच्छा है कि यह युद्ध समाप्त हो जाए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा, "अधिकतर देशों का मानना है कि यह एक तर्कहीन युद्ध है, दो तर्कहीन लोगों के बीच एक निरर्थक संघर्ष है। मुझे लगता है कि अब उन्हें (ट्रंप) भी इस बात का एहसास हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि वे अब असलियत को समझेंगे और अमेरिका के हित में भी, यह युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए।"
युद्ध के प्रभावों पर उन्होंने कहा, "अगर कोई एक देश युद्ध के प्रभाव से बचा हुआ है, तो वह है भारत और यह प्रधानमंत्री मोदी की वजह से है। हम युद्ध के प्रभावों से सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं। आज कैलिफोर्निया में डीजल की कीमतें 6 डॉलर तक पहुंच गई हैं। अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में यह 4 डॉलर से अधिक है। यह लगभग 30 से 70 प्रतिशत की वृद्धि है। यहां हम सुरक्षित हैं। डीजल की कीमतों का किसानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।"
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एलपीजी एक समस्या बन सकती है। तुरंत नहीं, लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है, तो यह समस्या बन सकती है। उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री के पास योजनाएं हैं और हमें सभी को मिलकर इसका सामना करना होगा। इसे राजनीतिक अवसरवाद के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय हमें एकजुट होकर इसका सामना करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां हमेशा 'राष्ट्र प्रथम' की रही हैं और इसी कारण पूरा देश उनकी ओर उम्मीद भरे नजरों से देखता है।"
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा, "युद्ध के समय, बात सिर्फ बमों, सैनिकों या नौसेना की नहीं होती। यह एक वित्तीय और आर्थिक लड़ाई भी होती है, जिसमें पेट्रोलियम और पेट्रोडॉलर शामिल होते हैं। उन्होंने (पीएम मोदी) बिल्कुल सही कहा है कि अब हमारी ऊर्जा संपत्तियां रणनीतिक संपत्तियां मानी जाएंगी और उनके बारे में विस्तार से सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे हम अपने हथियारों के बारे में जानकारी जाहिर नहीं करते।"
उन्होंने कहा, "अब एलपीजी और पेट्रोलियम एक हथियार बन गया है और हमें इसे सुरक्षित रखना होगा। केवल भौतिक संसाधनों को ही नहीं, बल्कि भौतिक संसाधनों से जुड़ी जानकारी को भी सुरक्षित रखना होगा।"
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि जब लगभग पूरा यूरोप, दक्षिण अमेरिका और अन्य सभी लोग ट्रंप और उनकी टैरिफ की धमकी के सामने झुक गए, तो वे (पीएम नरेंद्र मोदी) ही एकमात्र नेता थे जिन्होंने खड़े होकर उनका सामना किया। दूसरों ने उन्हें देखकर हिम्मत पाई। अब वे सभी विश्व नेताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं, चाहे वह डेनमार्क हो, यूके, इटली या फ्रांस, या दक्षिण अमेरिकी देश हों, सभी उनकी ओर देख रहे हैं।