7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मिडिल ईस्ट संघर्ष और ऊर्जा संकट: सुखदेव भगत का संवाद और शांति पर जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिडिल ईस्ट संघर्ष और ऊर्जा संकट: सुखदेव भगत का संवाद और शांति पर जोर

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा संकट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह संकट वैश्विक है और इसका समाधान संवाद और शांति में है।

मुख्य बातें

ऊर्जा संकट वैश्विक समस्या है।
संवाद और शांति एकमात्र समाधान हैं।
युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं है।
भारत को शांति की पहल करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट के भीतर चल रहे संघर्ष और ऊर्जा संकट पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है, इसका प्रभाव पूरी वैश्विक समुदाय पर पड़ेगा। बुनियादी ढांचे और नागरिक क्षेत्रों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय है।"

सुखदेव भगत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि लगभग 22 देशों ने होर्मुज के जलडमरूमध्य को खोलने की संभावनाओं पर चर्चा की है, जो इस बात का संकेत है कि यह समस्या केवल दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही है। उनका मानना है कि संवाद और शांति ही एकमात्र समाधान हैं। भारत इस दिशा में पहल कर रहा है, जो सराहनीय है।

उन्होंने कहा, "यह केवल ब्रिक्स का मामला नहीं है। जी 7 जैसे सभी प्रमुख देशों और संयुक्त राष्ट्र को इस स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, खासकर मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों में। मेरा मानना है कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका संवाद और कूटनीति है। भारत ने हमेशा शांति का पक्ष लिया है और उसे पहल करनी चाहिए।"

19 मार्च को ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई द्वारा इजरायल को दी गई धमकी पर उन्होंने कहा, "युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। भारत हमेशा संवाद का समर्थन करता रहा है। युद्ध न केवल प्रभावित देशों के लिए हानिकारक होते हैं, बल्कि अन्य संबंधित देशों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। युद्ध के दौरान धमकियों का अंत नहीं होता, इसलिए संवाद आवश्यक है।"

अमेरिकी राष्ट्रीय इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड द्वारा पाकिस्तान को अमेरिका के लिए एक बड़ा परमाणु खतरा बताने पर सुखदेव भगत ने कहा, "पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद को समर्थन देता रहा है। भारत ने हमेशा इस बात को उजागर किया है। यदि अमेरिका भी इसे महसूस कर रहा है, तो यह सकारात्मक है। मेरा मानना है कि जो आतंकवाद को समर्थन देता है, वह देश पूरी दुनिया के लिए कभी भी हितकारी नहीं हो सकता।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां संवाद और शांति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वैश्विक स्तर पर संघर्षों के बीच, भारत की भूमिका एक शांति दूत के रूप में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखदेव भगत ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर क्या कहा?
सुखदेव भगत ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा संकट का प्रभाव वैश्विक है और इसका समाधान संवाद और शांति में है।
क्या युद्ध समस्याओं का समाधान है?
सुखदेव भगत का मानना है कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं होता, संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।
भारत की भूमिका क्या है?
भारत ने हमेशा शांति का पक्ष लिया है और इसे पहल करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले