पीएम मोदी का मिडिल ईस्ट संकट पर संबोधन: एकजुटता की आवश्यकता बताई एनडीए नेताओं ने

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पीएम मोदी का मिडिल ईस्ट संकट पर संबोधन: एकजुटता की आवश्यकता बताई एनडीए नेताओं ने

सारांश

पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में मिडिल ईस्ट युद्ध पर भारत की स्थिति एवं एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। एनडीए नेताओं ने आपसी भेदभाव को छोड़कर एकजुट होने की अपील की है। जानें इस महत्वपूर्ण संबोधन के बारे में और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

संकट के समय एकजुटता की आवश्यकता है।
भारत ने विदेशों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला है।
एलपीजी की कोई समस्या नहीं है, केवल भ्रम है।
कांग्रेस ने राजनीतिक दृष्टिकोण से समस्याओं को देखा है।
पीएम मोदी ने सभी चिंताओं का समाधान प्रस्तुत किया।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच भारत इसे कैसे संभाल रहा है, इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संकट के समय राजनीति को भुलाकर सभी को एकजुट होना चाहिए। एनडीए नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब देश को संकट का सामना करना पड़ता है, तब सभी को मिलकर काम करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की कोई समस्या नहीं है। समस्या केवल भ्रम फैलाने की है, और यह विपक्ष के नेताओं की है।

उन्होंने कहा कि पीएम ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे संसद में एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। प्रधानमंत्री ने सभी स्थितियों को साझा किया है, लेकिन कांग्रेस हर चीज में राजनीति देखकर प्रतिक्रिया करती है।

केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने समय-समय पर पश्चिम एशिया में संकट पर अपने विचार रखे थे। पीएम मोदी का इस विषय पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि पीएम मोदी ने सुरक्षा पर जोर दिया है और जिन भारतीयों को दूसरे देशों से निकाला गया, उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। गैस और तेल की स्थिति के बारे में भी उन्होंने बताया कि कठिनाइयाँ हैं, लेकिन हमने अच्छी स्थिति बनाई है।

भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि संकट के समय सभी लोगों को मिलकर एकजुटता से काम करने की आवश्यकता है। इसमें किसी भी राजनीतिक भेदभाव की जरूरत नहीं है।

भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि पीएम ने पश्चिम एशिया की स्थिति को स्पष्ट किया है और बताया है कि भारत इस संकट को कैसे संभाल रहा है।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने संसद और देश को बताया कि सरकार ने हाल के दिनों में क्या किया है और सभी चिंताओं का समाधान किया है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बारे में भी जानकारी दी है।

भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि पीएम मोदी ने सदन में स्थिति की वास्तविकता प्रस्तुत की है। यह महत्वपूर्ण है कि देश इस संकट में एकजुट है।

लोजपा (राम विलास) सांसद अरुण भारती ने कहा कि पीएम मोदी ने युद्ध की स्थिति का जिक्र किया और विपक्ष की चिंताओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारत इस संकट का सामना कर सकता है।

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पीएम मोदी ने संसद को एक विस्तृत और आश्वस्त करने वाला उत्तर दिया है। उन्होंने राजनीतिक एकता का आह्वान किया, जो इस संकट के समय बेहद जरूरी है।

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि पीएम मोदी ने हर मुद्दे को विस्तार से समझाया है, जिससे पता चलता है कि उनके निर्णय देश को कठिनाइयों से बाहर निकालने में सहायक हैं।

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पीएम मोदी ने स्पष्टता से समझाया है कि भारत अपनी स्थिति को बनाए हुए है और सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां पीएम मोदी ने राजनीतिक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। संकट के समय हमें सभी मतभेद भूलकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। इस दृष्टिकोण से, यह संबोधन न केवल राजनीतिक अपील है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने लोकसभा में किस विषय पर बात की?
पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और भारत की स्थिति पर बात की।
एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के संबोधन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
एनडीए नेताओं ने कहा कि संकट के समय सभी को एकजुट होना चाहिए।
भारत में गैस और तेल की स्थिति क्या है?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि देश में गैस और तेल की कोई समस्या नहीं है।
क्या पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से कोई अपील की?
हां, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर संसद में अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने क्या कहा?
उन्होंने आम आदमी को भरोसा दिलाया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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