एनडीए सांसदों ने पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना की, सर्वदलीय बैठक पर प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है।
- एनडीए सांसदों ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
- विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए गए।
- शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद को आवश्यक बताया गया।
- राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक चिंताओं के बीच केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक को एनडीए के नेताओं ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सभी बातों को स्पष्ट कर दिया है। जनता के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय जल्द ही लिए जाने वाले हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद दामोदर अग्रवाल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "वर्तमान स्थिति में संवाद ही सबसे उचित विकल्प है। पूरी दुनिया खाड़ी देशों की स्थिति को लेकर चिंतित है और शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद आवश्यक है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि भारत सभी संबंधित देशों के संपर्क में है और शांति के प्रयास कर रहा है। अग्रवाल ने उल्लेख किया कि यदि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी बातचीत होती है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
सर्वदलीय बैठक के संदर्भ में भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विपक्ष के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के कुछ नेता बैठक में शामिल होने का इरादा ही नहीं रखते, तो उनके सवाल उठाने की सार्थकता समझ से परे है।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व संकट का सामना कर रहा है और ऐसी स्थिति में भारत सरकार और प्रधानमंत्री के नेतृत्व को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी दलों से देश के हित में सामूहिक निर्णय लेने की अपील की।
वहीं, भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विरोध करना उनका काम है, लेकिन युद्ध जैसे संवेदनशील समय में राष्ट्रीय एकता प्रदर्शित करना अधिक महत्वपूर्ण है।
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने बताया कि बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की जाएगी और विपक्ष के सुझाव भी लिए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बैठक में शामिल न होने पर निराशा व्यक्त की और आरोप लगाया कि वे केवल बयानबाजी तक सीमित रहते हैं। जहां जनता के हित की बात होती है, वहां से राहुल गांधी गायब रहते हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए नरेश ने कहा कि विपक्ष का एकमात्र काम जनता को भ्रमित करना है। उन्हें नहीं पता कि अब देश की जनता इनके बहकावे में नहीं आने वाली है। जनता को यह भी पता है कि कौन किसके लिए काम कर रहा है।